कैसे सेमिनार हॉल पहुंचा था दरिंदा संजय रॉय, कैसे दिया वारदात को अंजाम? पॉलीग्राफ टेस्ट में सामने आया 8-9 अगस्त की रात का सच

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

आज तक के पास आरोपी रॉय के पॉलीग्राफ टेस्ट की पूरी डिटेल है. संजय रॉय ने बताया है कि आठ-नौ अगस्त की रात वह शहर के अलग- अलग रेड लाइट एरिया गया था. लेकिन उसने यौन संबंध नहीं बनाए थे. वह नौ अगस्त को अपने दोस्त सौरभ के साथ बाइक से आरजी कर अस्पताल पहुंचा था. अस्पताल में संजय के दोस्त सौरभ का भाई भर्ती था. उसी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल गए थे.पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में नौ अगस्त की रात RG Kar अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में सीबीआई ने अब तक सात लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है. इन सात लोगों में मुख्य आरोपी संजय रॉय भी है. इस पॉलीग्राफ टेस्ट में संजय रॉय ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूली है और घटना की रात का पूरा ब्योरा दिया है.

आज तक के पास आरोपी रॉय के पॉलीग्राफ टेस्ट की पूरी डिटेल है. संजय रॉय ने बताया है कि नौ अगस्त को वह शहर के अलग-अलग रेड लाइट एरिया गया था. लेकिन उसने यौन संबंध नहीं बनाए थे. वह आठ-नौ अगस्त की रात को अपने दोस्त सौरभ के साथ बाइक से आरजी कर अस्पताल पहुंचा था. अस्पताल में संजय के दोस्त सौरभ का भाई भर्ती था. उसी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल गए थे.

संजय ने बताया है कि उस रात 11.15 बजे वह और सौरभ दोनों अस्पताल से निकलकर शराब पीने का प्लान बनाते हैं. आरजी कर अस्पताल से तकरीबन एक किलोमीटर दूर 5 point नाम की जगह से दोनों शराब खरीदकर सड़क पर ही शराब पीते हैं. इस दौरान दोनों तय करते हैं कि वो कोलकाता के रेड लाइड एरिया सोनागाछी जाएंगे और वहां यौन संबंध बनाएंगे. संजय रॉय और सौरभ दोनों बाइक से  सोनागाछी जाते हैं लेकिन वहां बात नहीं बनती. यहां से दोनों साउथ कोलकाता के रेड लाइट एरिया चेतला जाने का फैसला करते हैं.

planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।