भगवान श्री राम और कृष्‍ण जन्‍म कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता

Picture of Sunil Kumar

Sunil Kumar

SHARE:

रविवार से श्री रामलीला मैदान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में विश्व विख्यात आचार्य अतुल कृष्ण शास्त्री संगीत की स्वर लहरियसों के मध्य अपनी मुधरवाणी से कथामृत पान करा रहे हैं। कथा के चैथे दिन आचार्य ने भगवान श्री राम और श्रीकृष्ण जन्म कथा का रोचक वर्णन किया। जिसे सुन श्रोता भाव विभोर हो नृत्य करने लगे।
बुधवार को कथा में उन्होंने बताया कि श्रीमद भागवत सुनने का लाभ भी कई जन्मों के पुण्य से प्राप्त होता है। श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने और मरने की कला सिखाती है। मनुष्य को जीवन परमात्मा ने दिया है, लेकिन जीवन जीने की कला हमें सत्संग से प्राप्त होती है। सत्संग का मनुष्य के जीवन में बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप, अनाचार बढ़ता है, तब-तब भगवान श्रीहरि धरा पर किसी न किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों के संकट को हरते हैं। उन्होंने कहा कि जब कंस के पापों का घड़ा भर गया, तब भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लेकर कंस का अंत किया और लोगों को पापी राजा से मुक्ति दिलाई। श्रीराम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शकुन होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों ओर मंगल गान होने लगे। राम जन्म की कथा सुन पांडाल में मौजूद महिलाएं अपने स्थान पर खड़े होकर नृत्य करने लगी। कथा विश्राम के दौरान आचार्य ने श्रीमद्भागवत कथा का सार बताते हुए कहा कि बताया कि कलयुग में दुख के तीन कारण हैं, समय, कर्म और स्वभाव। उन्होंने कहा कि स्वभाव से जो दुखी है वो कभी सुखी नहीं हो सकता। जिस घर में अनीति से धन कमाया जाता है, उस परिवार में कभी एकता नहीं रहती। वहां हमेशा बैर बना रहता है। इस दौरान यज्ञाचार्य पं. राजकृष्ण महाराज, किशोर अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, उमाशंकर अग्रवाल, दिनेश चंद्र अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, भुवनेश अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, एवं सैकडों श्रोता भक्त मौजूद रहे।

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई