Sahiba Bali: अभिनेत्री साहिबा बाली ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने हाल ही में महिलाओं को लेकर एक पोस्ट किया था। इसके बाद उन्हें काफी ट्रोल किया गया।

अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर साहिबा बाली महिलाओं के प्रति समाज के दोहरे रवैये के बारे में बात करने को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने इस मामले से जुड़ा एक पोस्ट शेयर किया। इसके बाद उन्हें बुरे कमेंट्स और धमकियां मिलीं। उन्होंने इनके स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। अभिनेत्री की पोस्ट में दुर्गा की पूजा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के बीच तुलना की गई थी।
साहिबा ने किस पर साधा निशाना?
अभिनेत्री ने अपने मैसेज में इस बात पर जोर दिया कि एक तरफ तो समाज देवी की ताकत और गुस्से का जश्न मनाता है, मगर दूसरी तरफ उन महिलाओं को दबाता है, जो गुस्सा जाहिर करती हैं और अपने अधिकारों की मांग करती हैं। इसमें सवाल उठाया गया कि समाज धर्म में तो नारी शक्ति का सम्मान करता है, मगर असल जिंदगी में उसे स्वीकार करने में अक्सर हिचकिचाता है।
ऑनलाइन आलोचना का शिकार हुईं अभिनेत्री
रीपोस्ट करने के बाद साहिबा को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। कुछ यूजर्स ने उन्हें बार-बार बुरे मैसेज भेजे। उन्होंने उन कमेंट्स के स्क्रीनशॉट शेयर किए। इनमें ऐसे लोगों के मैसेज भी शामिल थे, जो उन्हें एक ही तरह की गाली-गलौज वाले मैसेज भेजकर स्पैम कर रहे थे।
किससे हारीं साहिबा?
एक नोट में, साहिबा ने उस उनके खिलाफ नफरत को जाहिर किया। उन्होंने लिखा, ‘इस साल मैंने बहुत कुछ सुना। बिना किसी वजह के। मैं किसी भी तरह की नफरत का समर्थन नहीं करती। हो सकता है कि कुछ बातें मनगढ़ंत हों। मैं मतभेदों को हमदर्दी से देखती हूं, न कि बंटवारे की नजर से। उम्मीद है कि वे भी ऐसा कर पाएंगे। इस दुनिया में बहुत नफरत है। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत अपनी आजीविका और सुरक्षा को खतरे में डालना है। सच कहूं तो, मैं अब थक चुकी हूं। वे जीत गए, मैं हार गई।’
आलोचना पर क्या बोलीं साहिबा?
एक और पोस्ट में, साहिबा ने राजनीति और धर्म पर अपनी राय रखने के लिए होने वाली आलोचना का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘जाते-जाते यह बता दूं। कुछ कहूं, तो गाली। कुछ न बोलूं, तो गाली। सरकार के खिलाफ असहमति जताऊं, तो गाली। सरकार की तारीफ करूं, तो गाली।’
क्या है साहिबा की राजनीतिक विचारधारा?
साहिबा ने साफ किया कि वह भाजपा समर्थक नहीं हैं, हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उनके पसंदीदा राजनेता हैं। उन्होंने कांग्रेस को एक कमजोर विपक्ष बताया, लेकिन 1991 के आसपास भारत की अर्थव्यवस्था में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के योगदान की तारीफ की।
साहिबा बाली के बारे में जानकारी
- साहिबा बाली एक पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर हैं।
- उन्होंने ‘लैला मजनू’, ‘अमर सिंह चमकीला’ और ‘डियर माया’ जैसी फिल्मों में भी काम किया है।


