
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विद्यार्थियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में देश के विभिन्न राज्यों से आकर शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा राजधानी के परिवार का हिस्सा हैं और उनकी सुविधाओं, सुरक्षा तथा बेहतर भविष्य के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र में किफायती लाइब्रेरी की कमी और मौजूदा लाइब्रेरी के बार-बार बंद होने से पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत एवं अनुकूल वातावरण में अध्ययन करना आवश्यक है, लेकिन अधिक शुल्क और लाइब्रेरी के संचालन में आने वाली बाधाओं के कारण विद्यार्थियों को परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में संचालित लाइब्रेरी की स्थिति, भवन संबंधी कमियों और सुरक्षा मानकों की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्थानीय विधायक एवं अधिकारियों से खाली प्लॉट और उपलब्ध सामुदायिक भवनों में उपयुक्त स्थान चिह्नित करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क लाइब्रेरी विकसित की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पेइंग गेस्ट (पीजी) के किराए, जमानत राशि और दलाली के रूप में होने वाले अधिक खर्च का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध न होने के कारण अनेक विद्यार्थियों को निजी पीजी या किराये के कमरों में रहना पड़ता है। कुछ विद्यार्थियों ने छोटे कमरों, सीमित वेंटिलेशन और आसपास लगातार चलने वाले निर्माण कार्यों से पढ़ाई तथा दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार उनकी आवास संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पीजी पॉलिसी और नए हॉस्टलों की उपलब्धता जैसे विषयों पर काम कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित आवास सुविधाएं मिल सकें। विद्यार्थियों ने पीजी में भोजन की गुणवत्ता तथा रहने की सुविधाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं साझा कीं।
स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी सामने रखीं। छात्राओं ने देर शाम आवागमन के दौरान सुरक्षा संबंधी कठिनाइयों और कुछ स्थानों पर अपर्याप्त रोशनी की समस्या उठाई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और पुलिस प्रतिनिधियों से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की समीक्षा करने और जहां आवश्यक हो, वहां सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में ‘नियमों के विरुद्ध गहरे रंग की फिल्म लगे वाहनों’ के आवागमन से जुड़ी शिकायत पर भी पुलिस अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होना चाहिए ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियां जारी रख सकें।
बंद पड़े शौचालय को पिंक टॉयलेट में बदलने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े शौचालय का मुद्दा सामने आया। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शौचालय को पिंक टॉयलेट के रूप में विकसित कर शीघ्र चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता व रखरखाव सुनिश्चित करने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शौचालय ब्लॉक के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए।
सफाई, संकरी गलियों और पेयजल की समस्याओं पर अधिकारियों को निर्देश
मुखर्जी नगर, नेहरू विहार और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले विद्यार्थियों ने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें रखीं। उन्होंने गलियों में गंदगी, कूड़े और दुर्गंध की समस्या के साथ नियमित सफाई की मांग रखी। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि संकरी गलियों और छोटे आवासीय भवनों के कारण रहने की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सफाई केवल मुख्य सड़कों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटी गलियों और आवासीय क्षेत्रों में भी नियमित रूप से हो। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं का आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विद्यार्थियों ने पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्या भी उठाई। उन्होंने बारिश के दौरान सीवर के पानी के पेयजल आपूर्ति में मिलने की आशंका और पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस शिकायत की जांच कराने और पेयजल की गुणवत्ता तथा आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
लाउडस्पीकर बजने की शिकायत पर भी ध्यान
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने रात के समय तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से पढ़ाई में होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में निर्धारित समय-सीमा और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसी शिकायतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी सुना। विद्यार्थियों ने कुछ भवनों में अग्नि सुरक्षा, निकास मार्ग और भवन की उपयुक्तता को लेकर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे संस्थानों में भवन की उपयुक्तता, सुरक्षित निकास मार्ग और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े भवनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


