राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ की बैठक की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करने पर जोर दिया। साथ ही एक हजार कर्मियों को अनुशासन में रहकर सेवा देने की नसीहत भी दी गई।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने मंगलवार को राम मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर मौजूदा कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
करीब एक हजार कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में अनुशासन, श्रद्धालुओं से बेहतर व्यवहार और सुगम दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा।
मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कैफियत ट्रेन से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचे जितेंद्र मिश्र सीधे रामघाट स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को समझने के साथ ही उन्होंने ट्रस्ट के एकाउंटिंग सिस्टम की भी जानकारी ली।
बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारियों की संख्या, उनके दायित्व और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी हासिल की गई। अधिकारियों के साथ मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आगे की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई।
सीईओ ने व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। इसके बाद जितेंद्र मिश्र ने राम मंदिर में सेवा दे रहे करीब एक हजार कर्मचारियों के साथ बैठक की।
इस बैठक का मुख्य फोकस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुगम दर्शन उपलब्ध कराने पर रहा। उन्होंने कर्मचारियों को अनुशासन के तहत काम करने और श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं बेहतर व्यवहार रखने के निर्देश दिए।
अयोध्या से बेहतर अनुभव के साथ जाएं श्रद्धालु
सीईओ ने कर्मचारियों से कहा कि राम मंदिर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु बेहतर अनुभव के साथ लौटे, इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। दर्शन व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने और अपनी ड्यूटी का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए।
जल्द सामने आएगी भविष्य की कार्ययोजना
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्र ने कहा कि अभी उनकी परिचयात्मक बैठकें चल रही हैं। सीईओ पद की घोषणा हुए अभी महज छह दिन हुए हैं। इसलिए उन्हें व्यवस्थाओं को समझने के लिए कुछ समय दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वह मीडिया के समक्ष आएंगे और राम मंदिर से जुड़ी भविष्य की कार्ययोजना और रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। ट्रस्ट की ओर से उनके आवास समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी कर दी गई हैं।
अदालत : चढ़ावा चोरी के आरोपी की पेंशन खाता पर लगी रोक हटी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाता पर पुलिस की ओर लगाई गई रोक (फ्रीज) को अदालत ने हटाए (अनफ्रीज) जाने का आदेश पारित किया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के विवेचक की सहमति व बैंक स्टेटमेंट के आधार पर यह आदेश मंगलवार को पारित किया है।
अदालत में पांच सितंबर को मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया कि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के केनरा बैंक के पेंशन खाता में क्रेडिट हुई कोई संदिग्ध धनराशि नहीं पाई गई है।
पेंशन खाता को अनफ्रीज किए जाने में कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि बैंक स्टेटमेंट के अनुसार आरोपी सुभाष के पेंशन खाता में कैश के रूप में अधिक धनराशि पिछले कुछ महीनों में क्रेडिट नहीं हुई है और न ही किसी अन्य एकाउंट से क्रेडिट होना दर्शित है।
18 जुलाई को कोर्ट में दिया था प्रार्थना पत्र
चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने पेंशन बैंक खाता में पुलिस की ओर से निकासी पर लगाई गई रोक को हटाए जाने की मांग का प्रार्थना पत्र कोर्ट में 18 जुलाई को प्रस्तुत किया था।
थाना कोतवाली नगर के पूनम साईं कुटीर बैंकर्स लेन, अंजनी पुरम कालोनी देवकाली निवासी जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव पुत्र सुंदर लाल ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी के मामले में पुलिस ने उसके सभी बैंक खातों को जमा निकासी करने से अवरुद्ध कर दिया गया है।
वह बैंक का सेवा निवृत्त कर्मचारी है। बैंक से मिलने वाली पेंशन का खाता केनरा बैंक में है जिसको भी पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। मासिक पेंशन ही परिवार के जीवन यापन का सहारा है।
