आलू निर्यात करने का रास्ता धीरे-धीरे खुल रहा है। अलीगढ़ से 12 क्विंटल आलू खाड़ी के देश बहरीन भेजा गया है। रूस के व्यापारियों से निर्यात के लिए लगातार बातचीत की जा रही है। मंजूरी मिलते ही वहां भी निर्यात शुरू किया जाएगा।ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का जलमार्ग सैन्य हमलों से प्रभावित है। इस वजह से आलू पहले अलीगढ़ से सड़क मार्ग से लखनऊ भेजा गया, वहां से अमौसी एयरपोर्ट से वाया मुंबई बहरीन भेजा गया। इसके लिए मुंबई से कनेक्टिंग फ्लाइट की कार्गो सेवा ली गई। हवाई जहाज से भेजे जाने के कारण मात्रा सीमित रखी गई।

एपीडा से लाइसेंस प्राप्त एफपीओ राशि सीडस द्वारा इसका निर्यात किया गया है। इस एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि बहरीन को और आलू निर्यात करने का प्रस्ताव भी है, इसका ऑर्डर मिलने का इंतजार है। रूस से भी बातचीत चल रही है, जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, निर्यात किया जाएगा। इसके लिए किसानों से बेहतरीन किस्म का आलू एकत्र किया जा रहा है। इस निर्यात का लाभ किसानों को भी मिलेगा। उन्हें आलू का वाजिब भाव मिल सकेगा।
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि निर्यात की सभी संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है। अलीगढ़ आलू का हब है, यहां उच्च गुणवत्ता का आलू पैदा होता है। निर्यात शुरू होने से किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी। जिले में 10 लाख टन आलू कोल्ड स्टोर में भंडारित था। इसमें लगभग 3.5 लाख टन की निकासी ही हो पाई है, शेष 6.5 लाख टन अब तक भंडारित है।
आगरा में बायर-सेलर मीट अब दो दिन होगी
आगरा में होने वाली बायर-सेलर मीट को अब दो दिवसीय कर दिया गया है। पहले इसका आयोजन 10 सितंबर को होना था, अब इसकी तारीख 12 और 13 सितंबर कर दी गई है। अलीगढ़ से बड़े आलू उत्पादक इस सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे। मंडी में पंजीकृत बड़े व्यापारी भी इसमें भाग लेंगे। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस सम्मेलन में आलू खरीद का बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, ऐसा होने पर किसानों को आलू बेचने का विकल्प मिल सकेगा।

