कनाडा में वर्ष 2025 के अंत में करीब 6 लाख 91 हजार 215 अध्ययन-अनुमति धारक मौजूद थे। भारत विदेशी विद्यार्थियों के प्रमुख स्रोत देशों में बना रहा। स्थायी निवास के मामले में भी भारत कनाडा के महत्वपूर्ण स्रोत देशों में शामिल है।

कनाडा में बसे पंजाबियों और भारत के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं। शिक्षा, कारोबार, निवेश और धन भेजने से यह रिश्ता और गहरा हुआ है। भारत और कनाडा यूपीआई के माध्यम से सीमा पार धन भेजने पर बात कर रहे हैं। दुकानदारों को सीधे भुगतान की संभावनाओं पर भी चर्चा जारी है।
कनाडा में वर्ष 2025 के अंत में करीब 6 लाख 91 हजार 215 अध्ययन-अनुमति धारक मौजूद थे। भारत विदेशी विद्यार्थियों के प्रमुख स्रोत देशों में बना रहा। स्थायी निवास के मामले में भी भारत कनाडा के महत्वपूर्ण स्रोत देशों में शामिल है।
पंजाबी समुदाय की कारोबारी मौजूदगी भी कनाडा में मजबूत है। पंजाबी वाणिज्य मंडल के नेटवर्क में 2,500 से अधिक सदस्य और 200 से अधिक कारोबार जुड़े हैं। कनाडा सरकार पंजाबी कारोबारियों की अलग अधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं कराती है।
यूपीआई से परिवारों और विद्यार्थियों को लाभ
इस पहल का सीधा लाभ कनाडा में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा। वे नियमित रूप से भारत में अपने परिवारों को पैसा भेजते हैं। यूपीआई आधारित भुगतान व्यवस्था से धन भेजने की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और कम खर्चीली हो सकती है।
वर्तमान में बैंकिंग माध्यमों और धन हस्तांतरण सेवाओं में शुल्क लगता है। कनाडा में पढ़ रहे भारतीय विद्यार्थियों के परिवारों के लिए यह बड़ी राहत होगी। फीस, किराया या आपात स्थिति में धन भेजना आसान और तेज हो सकता है।
कारोबारियों और भारत के लिए अवसर
यूपीआई का फायदा केवल परिवारों को धन भेजने तक सीमित नहीं रहेगा। भारत से कनाडा जाने वाले विद्यार्थी, पर्यटक और कारोबारी भारतीय बैंक खाते से भुगतान कर सकेंगे। पंजाबी कारोबारियों के लिए भी यह पहल महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है। भारत से सामान खरीदने, सेवाओं का भुगतान करने या कारोबार से जुड़े भुगतान आसान होंगे। सीए दिनेश सरना ने कहा कि यूपीआई से पंजाबियों के परिवार और कारोबार दोनों को फायदा होगा। यह भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
