पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों के खेल में नया खुलासा हुआ है। असली नोटों के बीच गड्डी में जाली नोट छिपाए गए थे। सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल हुआ था। 10 गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल तैयार किया जाता था।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में हुए 17 करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच तेज हो गई है।मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की टीम जांच के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में पांच लाख के नोटों का ऐसा बंडल मिला है, जिसमें 10 गड्डियों में से आठ गड्डियां जाली नोटों की थीं।
पहली और आखिरी गड्डी असली और बीच में नकली नोटों की गड्डियां रखी गईं थीं। जांच टीम को ऐसे कई और बंडल मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं, आरोपी अधिकारियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
महानगर के घंटाघर स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में टीम नोटों की जांच कर रही है। दोपहर के समय आरबीआई की टीम पहुंची, जिसने कई घंटे तक जांच-पड़ताल की। बताया जा रहा कि 500 रुपये के 100 नोटों की एक गड्डी में 50 हजार रुपये होते हैं। ऐसी 10 गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल तैयार किया जाता है।
इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर जाली नोटों की अदला-बदली का खेल किए जाने की आशंका है। जांच के दौरान शुरुआती रैक में रखे बंडल सामान्य मिले। इसके बाद जैसे-जैसे टीम आगे की रैक तक पहुंची, नकली नोटों वाली गड्डियां मिलने लगीं। पांच-पांच लाख के बंडलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया था कि सामान्य जांच में नकली नोट तुरंत पकड़ में न आएं। यह भी सामने आया कि कई गड्डियां ऐसी भी मिलीं, जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ असली नोट थे और बीच में जाली नोट लगाए गए थे।
सामान्य स्याही और पेपर का हुआ इस्तेमाल
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।
हर करेंसी चेस्ट की जांच के दिए गए निर्देश
करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय भी अलर्ट हो गया है। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय की तरफ से सभी करेंसी चेस्ट में जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिले में पंजाब नेशनल बैंक की दो करेंसी चेस्ट हैं। एक महानगर और दूसरे गंगोह में। फिलहाल महानगर स्थित करेंसी चेस्ट से लेन-देन रोक दिया गया है। सभी कैश की निकासी और जमा गंगोह स्थित करेंसी चेस्ट की जा रही है। पीएनबी के अलावा जिले में अन्य बैंकों की भी करेंसी चेस्ट हैं।
करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय भी अलर्ट हो गया है। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय की तरफ से सभी करेंसी चेस्ट में जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिले में पंजाब नेशनल बैंक की दो करेंसी चेस्ट हैं। एक महानगर और दूसरे गंगोह में। फिलहाल महानगर स्थित करेंसी चेस्ट से लेन-देन रोक दिया गया है। सभी कैश की निकासी और जमा गंगोह स्थित करेंसी चेस्ट की जा रही है। पीएनबी के अलावा जिले में अन्य बैंकों की भी करेंसी चेस्ट हैं।
18 दिन चली गुपचुप जांच के बाद दर्ज कराई गई पुलिस में रिपोर्ट
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने की जांच गुपचुप तरीके से 18 दिनों तक चलती रही। जब अधिकारियों को नोटों में जाली नोट होने और बड़े गबन की आशंका पुष्ट हो गई तब पुलिस में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से आरोपियों का अता पता नहीं चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने की जांच गुपचुप तरीके से 18 दिनों तक चलती रही। जब अधिकारियों को नोटों में जाली नोट होने और बड़े गबन की आशंका पुष्ट हो गई तब पुलिस में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से आरोपियों का अता पता नहीं चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
क्या होती है करेंसी चेस्ट
आरबीआई द्वारा छापी गई नई मुद्रा को बैंक और आमलोगों तक पहुंचाने के लिए देशभर में कई बैंकों की शाखाओं का इस्तेमाल करेंसी चेस्ट के तौर पर किया जाता है। करेंसी चेस्ट एक तरह से स्टोर हाउस होता है। यहीं पर आरबीआई से रुपये आते हैं और इन्हीं शाखाओं के जरिये आरबीआई को रुपये भेजे जाते हैं।
आरबीआई द्वारा छापी गई नई मुद्रा को बैंक और आमलोगों तक पहुंचाने के लिए देशभर में कई बैंकों की शाखाओं का इस्तेमाल करेंसी चेस्ट के तौर पर किया जाता है। करेंसी चेस्ट एक तरह से स्टोर हाउस होता है। यहीं पर आरबीआई से रुपये आते हैं और इन्हीं शाखाओं के जरिये आरबीआई को रुपये भेजे जाते हैं।
मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। जिससे रोजाना रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा बैंक अ धिकारियों से भी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। – अभिनंदन सिंह, एसएसपी
