इलाहाबाद और चित्रकूट में आई बाढ़ के बाद गंगा-यमुना के जलस्तर की निगरानी बढ़ा दी गई है। नरौरा बैराज में गंगा खतरे के निशान से महज एक मीटर नीचे बह रही है। सिंचाई विभाग और प्रशासनिक टीमें लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। अलीगढ़ में गंगा के तटीय इलाकों में कई जगह पानी ने फसलों को डूबो दिया है। धीरे-धीरे पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है।
नरौरा में बने चौ. चरण सिंह बैराज पर रविवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 177.65 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे है। यहां खतरे का निशान 178 मीटर पर दर्ज है। इस दौरान जल प्रवाह 71051 क्यूसेक दर्ज हुआ है।

भीमगौड़ा बैराज हरिद्वार पर खतरे का निशान 294 मीटर पर है, पानी अब 291.85 मीटर तक पहुंच गया है। यहां जल प्रवाह 70299 क्यूसेक है। इसी तरह से यमुना पर दिल्ली में बने ओखला बैराज पर खतरे का निशान 200 मीटर पर है, पानी अब 195 मीटर तक पहुंच गया है। यहां पर जल प्रवाह 5302 क्यूसेक है। एक क्यूसेक का अर्थ प्रति सेकंड 28.317 लीटर पानी का बहाव है।
नरौरा खंड गंगा नहर के एक्सईएन प्रदीप ने बताया कि अभी तक अलीगढ़ और आसपास में गंगा और यमुना का जलस्तर सामान्य ही है। दोनों नदियों में पानी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार ने बताया कि अलीगढ़ में स्थिति सामान्य है। दोनों नदियों के किनारों पर पानी का बहाव सामान्य है। लगातार निगरानी कराई जा रही है।
खेतों में पहुंच रहा गंगा का पानी
उफन रही गंगा का पानी सांकरा क्षेत्र के खेतों में घुस रहा है। पानी बढ़ने के कारण किसानों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने पर अतरौली तहसील प्रशासन ने गंगा पट्टी के करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए 13 गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एहतियात के तौर पर सांकरा स्थित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में अस्थायी बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है। इसी बाढ़ चौकी के माध्यम से गंगा के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से गंगा के किनारे नहीं जाने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
उफन रही गंगा का पानी सांकरा क्षेत्र के खेतों में घुस रहा है। पानी बढ़ने के कारण किसानों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने पर अतरौली तहसील प्रशासन ने गंगा पट्टी के करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए 13 गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एहतियात के तौर पर सांकरा स्थित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में अस्थायी बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है। इसी बाढ़ चौकी के माध्यम से गंगा के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से गंगा के किनारे नहीं जाने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।