पीयू छात्रसंघ चुनाव के लिए आज मतदान होगा। कैंपस की छात्र राजनीति में किस उम्मीदवार और संगठन का पलड़ा भारी रहता है। इसका फैसला शाम तक हो जाएगा।

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल चुनाव के लिए आज मतदान होगा। अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। एसैप के आदिल बराड़, एबीवीपी के अंकित बिढान, सत्थ के दर्शप्रीत सिंह और एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू मैदान में हैं।
एसैप के आदिल बराड़ अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। उनके समर्थकों ने हॉस्टल और विभागों में व्यक्तिगत संपर्क के साथ सोशल मीडिया के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की।
एबीवीपी के अंकित बिढान ने भी आखिरी दौर में छात्र संपर्क तेज रखा। विभागों और छात्र समूहों में नेटवर्क के जरिए समर्थन जुटाने पर जोर रहा।
एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू ने भी युवा वोटरों और व्यक्तिगत नेटवर्क को साधने में पूरी ताकत लगाई। सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार अभियान को धार दी गई।
सत्थ के दर्शप्रीत सिंह के समर्थक कैंपस के अलग-अलग विभागों में सक्रिय रहे। बड़े मतदाता आधार वाले विभागों पर खास फोकस किया गया।
उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला
उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई से आकांक्षा ठाकुर, आईसा से अरमान सिंह, पीयूडीएफ से अरमान सिंह भिंडर, साखी से मनमीत कौर और आईएसओ से विपुल भादू मैदान में हैं। सचिव पद के लिए आर्यन सहारन, ध्यान सिंह और मुस्कान चौहान के बीच मुकाबला होगा। संयुक्त सचिव पद के लिए आमीन कौर, देवराज सिंह नैन, राम चंदर सिंह और विशाल बमल चुनाव लड़ रहे हैं।
मतदाता संख्या के हिसाब से यूआईईटी सबसे बड़ा केंद्र है। यहां 2,670 मतदाता हैं और 24 बूथ प्रस्तावित हैं। इसके बाद यूआईएलएस में 1,950 मतदाता और 16 बूथ प्रस्तावित हैं। लॉ विभाग में 1,064 मतदाता हैं। बड़े विभागों के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने प्रचार तेज किया।
छात्राओं के वोट होंगे निर्णायक
कुल मतदाताओं में 7,467 छात्र और 9,000 छात्राएं शामिल हैं, जबकि एक ट्रांसजेंडर मतदाता भी दर्ज है। छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण उनके वोट चुनावी समीकरण बदलने में निर्णायक हो सकते हैं। विभागवार बूथ बनाए जाने से छात्रों को अपने ही विभाग में मतदान की सुविधा मिलेगी। बूथ और मतदाताओं की जारी संख्या फिलहाल संभावित है और अंतिम सूची में बदलाव संभव है। अब सोमवार का मतदान तय करेगा कि पीयू कैंपस की छात्र राजनीति में किस उम्मीदवार और संगठन का पलड़ा भारी रहता है।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी समेत शहर के कॉलेजों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डीएसपी और इंस्पेक्टर समेत कुल 1100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने मतदान से लेकर मतगणना और चुनाव परिणाम के बाद तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं।