रक्षाबंधन से पहले चीनी की कीमतें काबू करने के लिए जिला प्रशासन की टीम बाजारों में उतर गई है। दुकानदारों को ओवर रेटिंग नहीं करने और चीनी का भाव 62 रुपये किलो रखने की हिदायत दी गई है, क्योंकि थोक भाव 59 और 60 रुपये है। गौर हो कि अमर उजाला ने सोमवार के अंक में दुकान-दुकान बदला चीनी का भाव शीर्षक से खबर प्रकाशित की, जिसके बाद प्रशासन की टीम ने बाजार में इसकी जांच कर कार्रवाई की है।

सोमवार को नौरंगाबाद की चार और सुरेंद्र नगर की एक फर्म में स्टॉक और भाव की जांच की गई। इस दौरान दो फर्मों के स्वामी चीनी की खरीद का पक्का बिल नहीं दिखा पाए। उनको नोटिस देकर पक्का बिल मांगा गया है।
जांच के दौरान नौरंगाबाद के मां दुर्गा प्रोविजन स्टोर में 62 रुपये का भाव था। फर्म द्वारा कच्चा बिल दिखाया गया। इस पर फर्म को नोटिस जारी कर पक्का बिल मांगा गया है, सभी बिल रखने के निर्देश दिए गए हैं। मवाशीराम प्रोविजन स्टोर नौरंगाबाद में भाव 62 रुपये किलो मिला। यह फर्म भी चीनी का पक्का बिल नहीं दिखा सकी, इस पर भी नोटिस देकर बिल मांगा गया है।
इसी क्रम में नौरंगाबाद की फर्म मोर मुकुट वार्ष्णेय पर चीनी का भाव 61 रुपये किलो मिला। यहां साढ़े सात क्विंटल का स्टॉक था। चमनलाल एंड संस नौरंगाबाद में भाव 62 रुपये किलो मिला, यहां पर स्टॉक में 16 क्विंटल चीनी मिली है। यश ट्रेडर्स सुरेंद्र नगर में चीनी 61 रुपये के भाव में थी। इनके पास 150 क्विंटल का स्टॉक पाया गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बताया कि यदि किसी व्यापारी द्वारा अधिक मूल्य वसूलने अथवा स्टॉक में अनियमितता पाई गई तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देश और भारत सरकार की अधिसूचना के क्रम में स्टॉक और भाव की जांच कराई जा रही है। सभी चीनी डीलरों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल foodstock.dfpd.gov.in पर पंजीकरण कराकर स्टॉक घोषित करना होगा। प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी।