नर्सिंग कर्मचारियों का सवाल है कि जब बीएचयू के 2280 बेड वाले अस्पताल में 410 वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तैनात हैं, तो 1269 बेड वाले जेएन मेडिकल कॉलेज में इस पद पर एक भी नियुक्ति क्यों नहीं है।

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 1269 बेड की क्षमता के बावजूद एक भी वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तैनात नहीं है। आरटीआई के जरिये सामने आई इस जानकारी ने अस्पताल की नर्सिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इसी श्रेणी के केंद्रीय विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के अस्पताल में 2280 बेड की क्षमता के मुकाबले 410 वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तैनात हैं।
एएमयू नर्सेज एसोसिएशन की ओर से एएमयू और बीएचयू में आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी में दोनों संस्थानों की नर्सिंग व्यवस्था में बड़ा अंतर सामने आया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सिजाउद्दीन अंसारी ने बताया कि दोनों ही केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, लेकिन नर्सिंग संवर्ग की स्थिति में इतना बड़ा अंतर है। उनका कहना है कि 1269 बेड वाले अस्पताल में वरिष्ठ स्तर के नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती नहीं होना गंभीर विषय है।
फरवरी में कई दिन चला था विरोध
जेएन मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग कर्मचारियों ने इसी साल फरवरी में अपनी मांगों को लेकर कई दिन विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान हड़ताल भी हुई थी। अब आरटीआई से सामने आए आंकड़ों के बाद नर्सिंग एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नर्सिंग संवर्ग की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग उठाई है।
बीएचयू से तुलना ने बढ़ाया सवाल
नर्सिंग कर्मचारियों का सवाल है कि जब बीएचयू के 2280 बेड वाले अस्पताल में 410 वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तैनात हैं, तो 1269 बेड वाले जेएन मेडिकल कॉलेज में इस पद पर एक भी नियुक्ति क्यों नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि मरीजों की संख्या और अस्पताल की सेवाओं के विस्तार को देखते हुए नर्सिंग संवर्ग को भी उसी अनुपात में मजबूत किया जाना चाहिए। आरटीआई से मिले आंकड़ों के बाद अब नर्सिंग एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तैनाती और पदों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।