कनाडा के आव्रजन विभाग ने कहा कि काम की अनुमति की पात्रता के नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। विभाग ने गैर-प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों से संबंधित मौजूदा पात्रता शर्तों को स्पष्ट किया है। पोर्टेज कॉलेज ने आव्रजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद काम की अनुमति की मांग को लेकर भारतीय विद्यार्थियों, खासकर पंजाबियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कैल्गरी में कनाडा सीमा सेवा एजेंसी की कार्रवाई के बाद अब एडमिंटन में भी सीमा अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनकी आव्रजन स्थिति को लेकर पूछताछ की है।
कैलगरी में सीमा एजेंसी की कार्रवाई
इस विवाद ने तब नया मोड़ लिया जब 12 अगस्त को कैलगरी के सैडलटाउन इलाके में प्रदर्शन स्थल पर कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारी पहुंचे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस के अनुरोध पर चार लोगों की आव्रजन स्थिति की जांच की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुल 20 लोगों की स्थिति जांची। जांच में 12 लोगों की स्थिति ऐसी पाई गई जिनके कनाडा में रहने को लेकर आगे जांच की जरूरत थी। इन लोगों को सीमा सेवा एजेंसी के कार्यालय में आगे की पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया। इस कार्रवाई के बाद कैलगरी का प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।
एडमिंटन में पूछताछ और प्रदर्शन
कैलगरी की कार्रवाई के कुछ दिन बाद एडमिंटन के मिल वुड्स इलाके में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के बीच सीमा अधिकारियों के पहुंचने से चिंता बढ़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक अधिकारियों ने वहां मौजूद विद्यार्थियों से उनकी आव्रजन स्थिति और कनाडा में रहने की वैधता को लेकर पूछताछ की।
एडमिंटन में विद्यार्थी जुलाई के अंत से काम की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। भारी बारिश के बावजूद विद्यार्थियों ने धरना जारी रखा था। उनका कहना है कि उन्होंने कनाडा में पढ़ाई के लिए बड़ी रकम खर्च की पर अब काम का अवसर नहीं मिल रहा। कई मामलों में उन्हें कनाडा छोड़ने की समय सीमा भी मिल चुकी है।



