केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अलीगढ़ नगर निगम अगले सप्ताह से सभी दो लाख 60 हजार भवनों पर क्यूआर कोड और आरएफआईडी टैग लगाने जा रहा है। क्यूआर कोड के उपयोग से लोग घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकेंगे। इसके माध्यम से प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

संपत्ति स्वामी को टैक्स और बिल जमा करने की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। नगर निगम के अधिकारी भी क्यूआर कोड स्कैन कर भवन स्वामी और संपत्ति से संबंधित आवश्यक विवरण देख सकेंगे। इस तकनीक से संपत्ति मालिकों की पहचान आसान होगी और कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी। इससे टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश मीणा ने बताया कि यह पहल नगरीय क्षेत्र के 90 वार्डों में संपत्ति कर संग्रहण, घर-घर कूड़ा संग्रहण और नगर निगम के जुर्माने की व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने शुक्रवार को अर्बन कंपनी, सुखमा कंपनी और नगर निगम की तकनीकी टीम के साथ एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने अगले सात दिनों में इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए।
महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। बैठक में उप नगर आयुक्त अमित कुमार सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामानंद त्यागी आदि माैजूद थे।
700 कूड़ा वाहनों की होगी डिजिटल निगरानी
सफाई व्यवस्था को भी क्यूआर व आरएफआईडी टैग आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा। नगर निगम के 90 वार्डों में संचालित करीब 700 टेंपो, ई-रिक्शा और साइकिल रिक्शा की डिजिटल पहचान तय की जाएगी। प्रत्येक कूड़ा संकलन वाहन पर आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा, जिससे उसके निर्धारित रूट और क्षेत्र में संचालन की निगरानी की जा सकेगी। यदि किसी मोहल्ले में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण नहीं होता है तो शिकायत मिलने पर संबंधित वाहन और उसके निर्धारित रूट की डिजिटल जानकारी की जांच की जा सकेगी।



