Varanasi News: वाराणसी में धारदार हथियार से गला रेतकर युवकी की हत्या की गई। युवती की शादी तय हो चुकी थी, वह अपने माता- पिता की इकलौटी संतान थी। ऐसे में परिजनों ने संपत्ति के लालच में हत्या करने का आरोप लगाया है।

वाराणसी जिले में जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की छात्रा श्रेया उर्फ मोनू (22) की हत्या कर दी गई। घटना उसके घर से 20 किमी दूर बच्छांव पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे में हुई। धारदार हथियार से गला रेतकर श्रेया को मौत के घाट उतार दिया गया। आरोप है कि दूर के रिश्तेदार नियारडीह चोलापुर निवासी विवेक चौबे ने उसे अगवा कर हत्या की है। हत्या के बाद आरोपी ननिहाल गया। अपनी बाइक और बैग रखकर भाग निकला। उधर, बेटी की खून से सनी लाश देखकर मां का कलेजा फट गया। उसकी चीख- पुकार सुनकर लोगों की आंखें भर आईं।
22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को होनी थी शादी
परिजनों के मुताबिक, श्रेया इकलौती थी। उसकी शादी तय हो चुकी थी। 22 नवंबर को उसकी रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी थी। शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
प्रॉपटी के लालच में वारदात का लगाया आरोप
परिजनों ने प्रेम प्रसंग जैसी बात को नकरा। आरोप है कि विवेक जबरन श्रेया से बातचीत करता था। वीडियो कॉल पर युवती के पिता की हत्या करने की धमकी देता था। युवती ने पिता से शिकायत भी की थी। आरोपी को समझाया भी गया था। आरोपी चाहता था कि घर की अकेली लड़की है, अगर इससे शादी हो जाती है तो प्रॉपर्टी उसके नाम हो जाएगी। इस बीच श्रेया की शादी मिर्जापुर में तय हो गई। इस बात से नाराज विवेक चौबे ने श्रेया का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। वहीं, मृतका के मोबाइल को फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में लिया है। पुलिस मोबाइल में कॉल डिटेल, चैट, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। श्रेया के पिता सुनील उपाध्याय की चंदापुर में कपड़े की दुकान है। श्रेया की मां रीता उपाध्याय ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी कॉलेज पहुंची ही नहीं थी। आशंका है कि आरोपी ने उसे रास्ते से ही अगवा किया और उसी दिन हत्या कर दी।
मकान मालिक और आरोपी के पिता हिरासत में
घटना के बाद रोहनिया पुलिस ने मकान मालिक विवेक द्विवेदी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवेक चौबे कमरे में कब से रह रहा था, छात्रा वहां कब पहुंची और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। रोहनिया पुलिस के अनुसार, आरोपी एक बैंक में संविदाकर्मी रहा और प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी के गांव पहुंची और आरोपी के पिता को हिरासत में लिया।
ननिहाल में छोड़े बैग में मिली चाबी
19 अगस्त की सुबह परिजन दोबारा बच्छाव पहुंचे और आसपास पूछताछ शुरू की। मकान मालिक विवेक से पता चला कि विवेक चौबे नाम का युवक दो महीने से किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। मकान मालिक ने उसका आधार कार्ड भी परिजनों को भेजा। इससे परिजनों को युवक पर शक गहरा गया। मृतका के पिता का कहना है कि उन्होंने कमरे को खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कमरा नहीं खुला। इसके बाद परिवार विवेक के ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचा। वहां लोगों ने बताया कि विवेक 18 अगस्त की शाम आया था। अपना बैग और मोटरसाइकिल छोड़कर चला गया था। बैग में कमरे की चाबी मिली। इसके बाद चाबी लेकर बृहस्पतिवार सुबह 10:30 बजे बच्छाव के मकान पहुंचे और कमरे विवेक चौबे का दरवाजा खोला गया। अंदर बाथरूम में श्रेया का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।
कॉलेज जाने की बात कहकर निकली, फिर वापस नहीं लौटी
मृतका के चचेरे भाई अंशुमान के अनुसार, श्रेया 18 अगस्त को घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी। देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने कॉलेज जाकर जानकारी की। पता चला कि श्रेया कॉलेज ही नहीं आई थी। इसके बाद परिवार राजातालाब थाने पहुंचा और फिर जक्खिनी पुलिस चौकी में सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा के मोबाइल की लोकेशन खंगालनी शुरू की।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, मोबाइल की लोकेशन बच्छाव पश्चिमपुरा के एक मकान में मिली। रात 11 बजे वे पुलिस के साथ वहां पहुंचे। उस समय छात्रा का मोबाइल चालू था और लोकेशन उसी मकान से आ रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि श्रेया कमरे के अंदर होगी। पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि पुलिस ने कुछ देर जांच-पड़ताल करने के बाद दरवाजा नहीं खुलवाया। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस को सूचना देकर कमरे की तलाशी नहीं कराई गई।
मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है। –नीतू कात्यायन, डीसीपी गोमती जोन


