मकान में किराएदार के रूप में रह रहे दो युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इनमें से एक दूर का रिश्तेदार था, जिसे बच्ची अपना भाई मानती थी।

लुधियाना अदालत ने 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता के सुरक्षित गर्भपात की मंजूरी दी है। बच्ची के गर्भवती होने के बाद डॉक्टरों ने उसकी कम उम्र को देखते हुए प्रसव को जानलेवा बताया। इसके बाद अदालत ने मंजूरी दी।
पुलिस ने इस मामले में पोक्सो और गैंगरेप की धाराओं के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं। घटना का खुलासा तब हुआ था जब बच्ची को पेट में दर्द महसूस हुआ। मां की पूछताछ पर बच्ची ने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी बात बताई।
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनके मकान में किराएदार के रूप में रह रहे दो युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इनमें से एक दूर का रिश्तेदार था, जिसे बच्ची अपना भाई मानती थी। पहला आरोपी, जो बच्ची का रिश्तेदार था, उसने करीब सात महीने पहले दो बार दुष्कर्म किया और फिर मुंबई भाग गया।
पिता ने उसे झांसा देकर वापस बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। घर में मौजूद दूसरे किराएदार ने भी बच्ची को अकेला पाकर यौन उत्पीड़न किया। थाना डिवीजन संख्या-6 की पुलिस ने बच्ची की मेडिकल जांच करवाई जिसमें पांच माह के गर्भ की पुष्टि हुई। स्त्री रोग विशेषज्ञों ने कम उम्र में प्रसव को बच्ची के लिए अत्यधिक जोखिमभरा बताया था।




