प्रयागराज में बारिश के बाद भीषण जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। कई मोहल्लों में चार से पांच फीट तक पानी भरा है। जॉर्जटाउन, करेली, गंगानगर, राजरूपपुर और आनंदपुरम में हालत ज्यादा खराब हैं। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने और कोर्ट कचहरी के साथ बाजार में पानी-पानी हो रहा है।

प्रयागराज। यह है देश की प्रमुख पर्यटन नगरी…। यहां हर वर्ष लाखों लोग पवित्र नदियों के संगम में डुबकी लगाने आते हैं। शहर घूमते हैं और यहां की प्रतिष्ठा पूरे देश में पहुंचाते हैं। यहां गंगा और यमुना जैसी दो विशाल नदियां उफान के बाद भी खामोशी से बहती रहती हैं, लेकिन विडंबना देखिए… शहर के नाले-नालियां दो दिन की बारिश नहीं झेल पाते। जिस शहर में विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए, वहां के लोगों का जीवन इन दिनों नर्क जैसा है। नाले-नालियों और सीबर का पानी उफनाकर इनके घरों में भर गया है। गृहस्थी खराब होने से महिलाओं के आंसू थम नहीं रहे हैं। सांप-बिच्छू-कनखजूर आंखों के सामने उतरा रहे हैं। करंट फैलने के डर से बिजली काट दी गई है। डर के मारे बच्चों में चीख-पुकार मची है। भूख-प्यास लगने के बाद भी खत्म जैसी हो गई है। लाचारी ये है कि आंगन में भरा पानी बाहर सड़क पर फेंक नहीं सकते, क्योंकि पूरे इलाके की सड़कों और गलियों में पहले से ही चार-पांच फीट पानी भरा है। यह दर्द सिर्फ कुछ मोहल्लों तक सीमित नहीं है। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने, कोर्ट-कचहरी, बाजार हर जगह तो पानी भरा है।
स्कूल बंद हो गए हैं। अस्पतालों में मरीजों का पहुंचना कठिन हो गया है। बाजार जब तब खुल रहे हैं। सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है जैसे प्रयागराज में आफत उफना पड़ी है। गंभीर सवाल ये है कि इन दिनों जो लोग प्रयागराज घूमने आए हैं, वे यहां के विकास की भला कैसी तस्वीर लेकर जा रहे होंगे।
निरंजन डॉट पुल और जॉर्जटाउन में बिगड़े हालात
निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन के हालात बेहद खराब हैं। यहां पर कमर के ऊपर तक पानी भर गया है। जॉर्जटाउन में संगम टंकी, सीएमपी डिग्री कॉलेज से लेकर जॉर्जटाउन थाना, सपा कार्यालय के पास व अन्य मार्गों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित है। इन इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा।
नदियां बढ़ीं… सताने लगा बाढ़ का डर
गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर ने संगम नगरी में एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह आठ से रात आठ बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में गंगा 79.95 से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से बढ़कर 78.92 मीटर हो गई। नदियों का पानी बढ़ने के साथ गंगा-यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। घाटों की सीढ़ियां डूबने, तटवर्ती रास्तों पर पानी पहुंचने और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
अनाज खराब, बच्चों की किताबें भीगीं
आनंदपुरम में सौ से ज्यादा घरों में घुटने तक पानी भरा है। लोगों की गृहस्थी उतरा रही है। यहां के निवासी राजेंद्र पाठक के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है। बोले किराये का घर है। गांव से आया अनाज खराब हो गया है। बच्चों की कॉपी-किताबें भी भीग गई हैं। नाते-रिश्तेदारों के यहां ठिकाना खोजना पड़ रहा है।
निवाला छिना, पन्नी के नीचे छतों पर कट रही रात
करेली की जेके आशियाना कॉलोनी, गड्ढा कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में कई घरों में कमर तक पानी भर गया है। लोगों को छतों पर पन्नी लगाकर रात बितानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी नसरीन बेगम ने बताया कि चार-पांच दिन से कई घरों में खाना तक नहीं बन पाया है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। परिवार के लोग दिन-रात घरों से पानी निकालने में जुटे हैं। अनाज, इलेक्ट्रॉनिक सामान व अन्य घरेलू सामान पानी में डूबकर खराब हो गए हैं। कीचड़, गंदे पानी, बदबू से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। गुड्डी ने बताया कि पानी कम होने पर हम सभी महिलाएं मिलकर घर से पानी निकालते हैं। बारिश होते ही फिर पानी भर जाता है।
स्लूज गेट बंद होने से बढ़ी समस्या
गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण सोमवार रात 2:30 बजे स्लूज गेट बंद कर दिया गया। इससे पानी की निकासी बाधित हो गई। सिविल लाइंस सहित ऊंचाई वाले कई मोहल्लों का पानी कम क्षमता वाले डांडिया नाला अल्लापुर में आ रहा है। बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम अल्लापुर, डांडिया अल्लापुर, शिवनगर, रामानंद और सर्वोदय जैसे मोहल्ले निचले इलाकों में हैं। इसके अलावा अल्लापुर 80 फीट रोड पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। बक्शी बांध पंपिंग स्टेशन चालू होने के बावजूद अल्लापुर में स्थिति गंभीर है।
अतिक्रमण है जलभराव का मुख्य कारण
नालों पर अतिक्रमण शहर के लिए गंभीर समस्या बन गई है। दुकानें और घर नालों पर ही बन गए हैं। इस वजह से नालों की सफाई नहीं हो रही है। राजरूपपुर, आनंदपुरम, गंगानगर, राजापुर सहित कई इलाके हैं जहां पर लोगों ने नाले पर ही घर बना लिए हैं। स्लैब डालकर उन पर कब्जा कर लिया है।
सभी पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से चालू रखने के निर्देश
महापौर गणेश केसरवानी व नगर आयुक्त ने मंगलवार को दारागंज स्थित मोरी गेट बाढ़ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। महापौर ने पंपों की स्थिति, विद्युत व्यवस्था और जल निकासी मार्गों की सफाई की जानकारी ली। महापौर ने अधिकारियों को सभी पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण और संसाधन हर समय उपलब्ध होने चाहिए।
एसआरएन के पास भरा पानी
एमजी मार्ग पर जलभराव की वजह से मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों का एसआरएन अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल रहा। इस सड़क पर गड्ढों की चपेट में आने से दिनभर ई-रिक्शा और बाइक सवार गिरने रहे। अस्पताल में स्त्री रोग विभाग के पास पानी भरने से भी दिक्कत रही।
अलग-अलग वजहों से चार की जान गई
प्रयागराज जिले में मंगलवार को आपदा में चार लोगों ने अपनी जान गवां दी। आपदा से मौत की पुष्टि होने पर प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा। सोरांव के सराय चंद्र भान निवासी रामकुमार की तालाब में डूबने, करछना के महेवा पट्टी निवासी रोहित की यमुना नदी में डूबने, हंडिया के मुई की रहने वाली अंजली की किसी जहरीले जंतु के काटने व बेलसारा की ननका देवी की गैर रिहायशी जर्जर मकान गिरने से मौत हो गई। वह मलबे के नीचे दब गई थीं।
सुबह तीन घंटे में दर्ज हुई रिकॉर्ड 104 मिमी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अगस्त तक भारी बारिश के आसार
प्रयागराज जिले में लगातार दूसरे दिन भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मंगलवार सुबह 5:30 से 8:30 बजे तक 104 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई। यह इस सीजन की सबसे अधिक बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार, 36 घंटों में 125.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 24 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।
बारिश के करण 12वीं तक के सभी स्कूल बंद
प्रयागराज में जगह-जगह जलभराव को देखते हुए बीएसए अनिल कुमार ने बुधवार के लिए प्री-प्राइमरी से 12वीं तक के सभी विद्यालयों में छुट्टी कर दी है। बीएसए के मुताबिक, प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण शिक्षकों और विद्यार्थियों का विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो रहा है। किसी तरह की दुर्घटना से बचने, विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। अवकाश का आदेश सभी परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों के साथ सभी बोडों से मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। इसमें हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी शामिल हैं।
13 स्थानों पर गिरे पेड़, डालियां टूटीं
भारी बारिश की वजह से शहर के 13 स्थानों पर पेड़ गिर गए। इनमें मधवापुर सब्जी मंडी स्थिति पार्षद कृष्ण कुमार पाठक के घर के पास, करैली पार्षद फजल खान के घर के पास, नैनी अरैल रोड फलाहारी आश्रम के पास, नैनी काजीपुर, डीएम कार्यालय, ट्रैफिक चौराहे के पास, इंदिरा चौराहा हाईकोर्ट, जस्टिस बिड़ला सिविल लाइंस आवास, अल्लापुर पार्षद सोनू पटेल, झुंसी हवेलिया, टीबी कॉलोनी तेलियरगंज हाईकोर्ट, बीएसएनएल कॉलोनी व डीएम आवास शामिल रहे। इस दौरान कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।




