पुलिस जंडावाला रोड पर संदिग्ध लोगों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक नाबालिग पुलिस को देखकर नजरें चुराने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे रोककर उसके कंधे पर लटके किट बैग की तलाशी ली तो उसमें से आधा किलो चिट्टा बरामद हुआ।

नशा तस्करी के लिए नाबालिगों के इस्तेमाल का एक और गंभीर मामला सामने आया है। बठिंडा के थाना नथाना पुलिस ने तीन दिन पहले जंडावाला रोड से एक नाबालिग को आधा किलो चिट्टे समेत गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग इससे पहले भी दो बार जलालाबाद और फिरोजपुर इलाके से नशे की खेप लाकर बठिंडा निवासी एक व्यक्ति को सौंप चुका था। हर खेप पहुंचाने के बदले उसे 2 से 3 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे बाल सुधार गृह फरीदकोट भेज दिया है, जबकि उससे खेप मंगवाने वाले मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
थाना नथाना के जांच अधिकारियों हरजीवन सिंह और इंदरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस जंडावाला रोड पर संदिग्ध लोगों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक नाबालिग पुलिस को देखकर नजरें चुराने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे रोककर उसके कंधे पर लटके किट बैग की तलाशी ली तो उसमें से आधा किलो चिट्टा बरामद हुआ।
बस में सफर, कंधे पर बैग
जांच अधिकारी इंदरजीत सिंह के अनुसार पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि बठिंडा निवासी एक युवक उसे बस के जरिए जलालाबाद और फिरोजपुर इलाके में भेजता था। वहां से वह चिट्टे की खेप लेकर बस से वापस आता और ग्रामीण या आउटर एरिया में मुख्य आरोपी को सौंप देता था। नाबालिग होने के कारण उस पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था और कंधे पर किट बैग टांगकर वह सामान्य यात्री की तरह सफर करता था।
जांच अधिकारी इंदरजीत सिंह के अनुसार पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि बठिंडा निवासी एक युवक उसे बस के जरिए जलालाबाद और फिरोजपुर इलाके में भेजता था। वहां से वह चिट्टे की खेप लेकर बस से वापस आता और ग्रामीण या आउटर एरिया में मुख्य आरोपी को सौंप देता था। नाबालिग होने के कारण उस पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था और कंधे पर किट बैग टांगकर वह सामान्य यात्री की तरह सफर करता था।
पुलिस के मुताबिक इस बार भी मुख्य आरोपी को नाबालिग से खेप किसी ग्रामीण या आउटर एरिया में लेनी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पहले भी दर्ज है नशा तस्करी का केस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नाबालिग के खिलाफ पहले भी थाना कैनाल में नशा तस्करी का मामला दर्ज है। इसके बावजूद वह दोबारा कथित तौर पर नशे की सप्लाई में इस्तेमाल होता रहा।



