पंजाब के तीन युवक केन्या और युगांडा में अगवा कर लिए गए थे। उन्हें इटली भेजने का झांसा देकर पहले दुबई और फिर केन्या व युगांडा पहुंचा दिया गया। वहां पाकिस्तान से जुड़े कुछ अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया।

केन्या में फंसे तीनों भारतीय छात्रों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। सांसद सतनाम सिंह संधू ने कल ही इस स्थिति पर एक वीडियो जारी कर विदेश सचिव विक्रम मिस्री को पत्र के माध्यम से हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
पंजाब के तीन युवक केन्या और युगांडा में अगवा कर लिए गए थे। उन्हें इटली भेजने का झांसा देकर पहले दुबई और फिर केन्या व युगांडा पहुंचा दिया गया। वहां पाकिस्तान से जुड़े कुछ अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया। अपहृत युवकों के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और उनके परिजनों से 70 हजार डॉलर (लगभग 58 लाख रुपये) की फिरौती मांगी गई। इसके अलावा एक पीड़ित के परिजनों से स्थानीय एजेंट पहले ही नौ लाख रुपये ऐंठ चुका है।
राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह ने उठाया मामला
राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने विदेश मंत्रालय को भी इस घटना की जानकारी दी। अपहृत युवाओं की पहचान राकेश कुमार, सुरिंदर और अवतार सभी निवासी जालंधर के रूप में हुई है। राकेश के पिता कश्मीर लाल ने सांसद सतनाम सिंह संधू को लिखित शिकायत देकर मदद की गुहार लगाई, जिस पर सांसद ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था।
राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने विदेश मंत्रालय को भी इस घटना की जानकारी दी। अपहृत युवाओं की पहचान राकेश कुमार, सुरिंदर और अवतार सभी निवासी जालंधर के रूप में हुई है। राकेश के पिता कश्मीर लाल ने सांसद सतनाम सिंह संधू को लिखित शिकायत देकर मदद की गुहार लगाई, जिस पर सांसद ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था।



