पंजाब के युवा अब केवल आईईएलटीएस या डिग्री पर निर्भर नहीं रह रहे हैं। उनका ध्यान प्रांतीय नामांकन, फ्रेंच भाषा, कनाडाई कार्य अनुभव और सही व्यावसायिक श्रेणी पर बढ़ रहा है। कनाडा में पढ़ाई के बाद वर्क परमिट और स्थायी निवास की उम्मीद लेकर जाने वाले विद्यार्थी अब चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

कनाडा में स्थायी निवास का सपना देख रहे पंजाब के युवाओं के लिए अब इमिग्रेशन की राह आसान नहीं रही है। 5 अगस्त 2026 को हुए कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास (सीईसी) ड्रॉ में 3,000 उम्मीदवारों को स्थायी निवास के लिए निमंत्रण मिला, जिसमें न्यूनतम सीआरएस स्कोर 516 रहा। यह 21 जुलाई के ड्रॉ के बराबर है और कनाडा में काम कर रहे कुशल प्रवासियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दर्शाता है।
516 का सीआरएस कटऑफ पंजाब के विद्यार्थियों और वर्क परमिट पर काम कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेस एंट्री में उम्मीदवारों को उम्र, शिक्षा, भाषा क्षमता और कनाडाई कार्य अनुभव के आधार पर सीआरएस अंक मिलते हैं। केवल डिग्री और कनाडाई अनुभव से इतना ऊंचा स्कोर हासिल करना आसान नहीं है। इमिग्रेशन जानकारों के अनुसार 30 वर्ष का मास्टर डिग्रीधारी उम्मीदवार 3 वर्ष के कनाडाई कार्य अनुभव और मजबूत भाषा स्कोर के साथ 506 से 516 के दायरे में पहुंच सकता है। कनाडा की इमिग्रेशन नीति में प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम (पीएनपी) और फ्रेंच भाषा अब महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ते हैं।
पंजाब के युवाओं के लिए बदलती रणनीति
पंजाब के युवा अब केवल आईईएलटीएस या डिग्री पर निर्भर नहीं रह रहे हैं। उनका ध्यान प्रांतीय नामांकन, फ्रेंच भाषा, कनाडाई कार्य अनुभव और सही व्यावसायिक श्रेणी पर बढ़ रहा है। कनाडा में पढ़ाई के बाद वर्क परमिट और स्थायी निवास की उम्मीद लेकर जाने वाले विद्यार्थी अब चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बढ़ते सीआरएस कटऑफ, महंगी शिक्षा और आवास की बढ़ती लागत चिंता का विषय है। इमिग्रेशन नीतियों में बदलावों के कारण परिवार अब अधिक सावधानी से योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञ की सलाह
इमिग्रेशन क्षेत्र से जुड़ी पूजा सिंह के अनुसार, पंजाब के युवाओं को विदेश जाने से पहले पूरी स्थायी निवास रणनीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कनाडा में पढ़ाई या नौकरी हासिल करना अब अंतिम लक्ष्य नहीं है। उम्मीदवारों को अपनी सीआरएस प्रोफाइल, भाषा स्कोर, कनाडाई कार्य अनुभव और संभावित पीएनपी विकल्पों को ध्यान में रखकर योजना बनानी चाहिए। 516 जैसे स्कोर संकेत देते हैं कि सामान्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। पूजा सिंह ने कहा कि फ्रेंच भाषा और प्रांतीय नामांकन जैसे वैकल्पिक रास्ते भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



