हाथरस पहुंचे कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति

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Sunil Kumar

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हाथरस को जिला बने हुए दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी यहां के कैदियों को अलीगढ जेल में भेजा जाता है, क्योंकि यहां पर अभी तक जेल निर्माण नहीं हो सका है। लेकिन अब जल्द ही जिले में जेल बनने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसे लेकर इगलास रोड पर जिला प्रशासन ने कई साल पहले ही 26.401 हैक्टेअर जमीन का अधिग्रहण भी किया जा चुका है। हाथरस के गांव बीछिया में प्रदेश के होमगार्ड और कारागार राज्य मंत्री स्वतंत्र (प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने जिला कारागार के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि जेल के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द ही यहां जेल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस जेल की क्षमता 1026 कैदियों की होगी। इसकी भूमि का अधिग्रहण पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि हाथरस उनकी मातृभूमि है, चूंकि हाथरस में अपराधियों को सुधारने हेतु यहां कारागार निर्माण को प्राथमिकता पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। होमगार्ड मंत्री ने कहा कि होमगार्ड विभाग में जो भी शिकायत आएगी। विभाग अपने स्तर से जांच करेगा। इसमें जो भी पाया जाएगा, वही कार्रवाई की जाएगी। कारागार मंत्री ने कहा कि यदि पिछली सरकारों की तुलना में देखें तो आज जमीन आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में माफिया और बड़े-बड़े पेशेवर अपराधी ऐश-ओ- आराम के लिए जेल में जाते थे। अब बड़े-बड़े माफियाओं को भी जेल में आम कैदी की तरह रखा जाता है। इससे उनको अहसास होता है कि जेल जेल होती है। कोई भी नेटवर्क जेल से नहीं चल रहा। योगी जी के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि अब तक जेल में कैदियों में आपस में कोई विवाद नहीं हुआ। इस मौके पर मुख्य रूप से डीएम अर्चना वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, डीआईजी, डीएम, एसपी सहित पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर मौजूद आदि मौजूद थे। भाजपाइयों ने उनका स्वागत भी किया।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।