समाधान दिवस में आई दर्जनभर शिकायतें

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Sunil Kumar

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तहसील परिसर में एसडीएम श्रीमती लवगीत कौर की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें एसडीएम ने संबधित अधिकारियों को शिकायतों के समयवद्धता के भीतर निस्तारण के लिए सख्त निर्देश दिए।
शनिवार का समाधान दिवस का अयोजन तहसील परिसर के सभागार में किया गया। एसडीएम ने शिकायतों के निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत का समयवद्धता के भीतर निस्तारण करें। यदि किसी प्रकार की लापरवाही और उदासीनता का परिचय दिया तो कडी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण होने के बाद शिकायतकर्ता से फोन पर बातकर अवश्य पूछें कि वह निस्तारण से संतुष्ट है अथवा नही। यदि वह संतुष्ट नहीं है तो दोनों पक्षों को सामने बैठाकर समस्या का समाधान करें। यदि इतने पर भी कोई पार्टी संतुष्ट नहीं है तो उच्चाधिकारियों को बताएं। समाधान दिवस में एक दर्जन शिकायतें दर्ज की गई। जिसमें बिजलीघर कॉलोनी निवासियों ने सड़क जलभराव को लेकर शिकायत की। कई गांव के लोगों ने खेतों में जाने वाले चकरोड़ को लेकर शिकायत दर्ज र्की। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती कीर्ति चैधरी नायब तहसीलदार लियाकत अली, के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे

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Author: Sunil Kumar

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।