रामघाट रोड पर हरदुआगंज के पास से गुजर रही बरौठा नहर में एक सुंदर घाट का निर्माण शुरू हो गया है, जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा। घाट बनने के बाद स्थानीय लोग यहां पर पर्व और त्याहारों के मौके पर स्नान कर सकेंगे। उन्हें गंगा स्नान के लिए अलग से कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अलीगढ़ में ऊपरी गंग नहर को हरदुआगंज के पास बरौठा नहर के नाम से जाना जाता है। इसमें हरिद्वार स्थित हरि की पेड़ी से सीधे गंगाजल आता है। हरिद्वार से अलीगढ़ तक 292 किमी लंबी इस नहर में एक भी नाला नहीं गिरता है, इसलिए इसका पानी शुद्ध और पवित्र माना जाता है। रामघाट रोड पर हरदुआगंज के पास से गुजर रही बरौठा नहर में एक सुंदर घाट का निर्माण शुरू हो गया है, जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा।
घाट बनने के बाद स्थानीय लोग यहां पर पर्व और त्याहारों के मौके पर स्नान कर सकेंगे। उन्हें गंगा स्नान के लिए अलग से कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से घाट का निर्माण और सुंदरीकरण कार्य जारी है। घाट के पास नहर की दोनों दीवारों को 50-50 मीटर लंबाई में पक्का किया जा रहा है। इस नहर पर बरौठा, माछुआ, चंगेरी और शेखाझील के पास चार पुलिया का भी पुनर्निर्माण कराया जा रहा है।
हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से निकलती है नहर
यह नहर हरिद्वार में हर की पेड़ी के पास बने भीमगोड़ा बैराज से शुरू होती है। उत्तराखंड से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश के पुरकाजी (मुजफ्फरनगर), सरधना (मेरठ), मुरादनगर व डासना (गाजियाबाद) और बुलंदशहर से होते हुए अलीगढ़ में अकराबाद के पास नानऊ तक पहुंचती है। इससे आगे कानपुर और इटावा की ओर दो शाखाओं में विभाजित हो जाती है।
यह नहर हरिद्वार में हर की पेड़ी के पास बने भीमगोड़ा बैराज से शुरू होती है। उत्तराखंड से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश के पुरकाजी (मुजफ्फरनगर), सरधना (मेरठ), मुरादनगर व डासना (गाजियाबाद) और बुलंदशहर से होते हुए अलीगढ़ में अकराबाद के पास नानऊ तक पहुंचती है। इससे आगे कानपुर और इटावा की ओर दो शाखाओं में विभाजित हो जाती है।
इसी नहर पर है नानऊ का घाट
इस नहर का टेल अकराबाद के नानऊ पर है। नानऊ पर एक सुंदर घाट बनाया जा चुका है। जिस पर लोग स्नान करने पहुंचने लगे हैं। गंगा दशहरा पर्व पर यहां लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
इस नहर का टेल अकराबाद के नानऊ पर है। नानऊ पर एक सुंदर घाट बनाया जा चुका है। जिस पर लोग स्नान करने पहुंचने लगे हैं। गंगा दशहरा पर्व पर यहां लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
पानी का बहाव है तेज
- 2.97 लाख लीटर पानी प्रति सेकंड पानी का बहाव
- 292 किमी लंबाई है भीमगोड़ा बैराज से अलीगढ़ तक
- चौड़ाई और गहराई स्थान के अनुसार अलग-अलग है



