पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की ओर से नई प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की घोषणा के बाद पार्टी के पुराने और वैचारिक नेताओं में असंतोष बढ़ गया है।

पंजाब भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल के बाद अंदरूनी नाराजगी अब सतह पर आने लगी है।
नई टीम की घोषणा के कुछ ही समय बाद तीन दशक से अधिक समय से भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने इस्तीफा दे दिया। ग्रेवाल ने इसे सिद्धांतों की लड़ाई बताते हुए कहा कि वैचारिक कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि संगठनात्मक फैसलों में स्थानीय इकाइयों और जमीनी कार्यकर्ताओं से पर्याप्त संवाद नहीं किया जा रहा। उनका दावा है कि नियुक्तियों में राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता मिल रही है। उनका मानना है कि नाराजगी दूर नहीं हुई तो इसका असर 2027 विधानसभा चुनाव में दिख सकता है।
भाजपा के पुराने संगठनात्मक चेहरों में मनोरंजन कालिया, अविनाश राय खन्ना, लक्ष्मीकांता चावला, अश्वनी शर्मा, विजय सांपला, सोम प्रकाश, मदन मोहन मित्तल, जीवन गर्ग और मास्टर मोहन लाल जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं ने पंजाब में पार्टी का आधार मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।
पार्टी के टकसाली नेताओं का आरोप है कि संगठन में वर्षों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा। दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को जिम्मेदारी मिलने से पुराने कार्यकर्ताओं में निराशा है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर राय लिए बिना फैसले किए जा रहे हैं जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
तीक्ष्ण सूद बने विरोध का चेहरा
होशियारपुर में जिला अध्यक्ष पद को लेकर हुए विवाद के बाद तीक्ष्ण सूद ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। सतीश बावा को हटाकर नितिन गुप्ता नन्नू को जिम्मेदारी देने के फैसले के खिलाफ उनके साथ 111 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया। इसके बाद वह पंजाब भाजपा में नाराज टकसाली नेताओं के सबसे मुखर चेहरे बन गए हैं।



