खिल्ली में तेज रफ्तार कार हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद व शाकिर उर्फ सोनू की मौत हो गई। 16 चालान (छह ओवरस्पीड) वाली कार में सीट बेल्ट भी नहीं लगी थी।
पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार का रिकॉर्ड भी सामने आया है। परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार, कार संख्या यूपी 70 एफडब्ल्यू 2432 मोहम्मद जैद के नाम पंजीकृत है। वर्ष 2022 से 2026 के बीच इस वाहन के 16 चालान हुए हैं। इनमें छह चालान ओवरस्पीड के हैं। हादसे के समय भी कार मोहम्मद जैद ही चला रहा था।
ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक, 16 चालानों में से आठ का जुर्माना जमा किया जा चुका है, जबकि आठ चालानों का भुगतान अब तक लंबित है। ओवरस्पीड के चालानों में 27 जून 2026 को मेडिकल बाइपास पर काटा गया चालान भी शामिल है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रयागराज से झांसी आ रही तेज रफ्तार कार खिल्ली गांव के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और शाकिर उर्फ सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोहम्मद जैद, उमर अहमद और फारुख अहजम गंभीर रूप से घायल हो गए।
ओवरस्पीड सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुजीत सिंह ने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार के कारण होती हैं। इसे रोकने के लिए परिवहन विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के ऑनलाइन चालान भी किए जा रहे हैं। उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की।
सीट बेल्ट नहीं लगी थी, फिर भी खुल गए एयरबैग
मोंठ थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, हादसे के समय चालक मोहम्मद जैद और अगली सीट पर बैठे अबान अहमद ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। कार तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकराई, जिससे एयरबैग खुल गए। इसके बावजूद टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा, विशेषकर सहचालक (फ्रंट पैसेंजर) की ओर का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इसी कारण अबान अहमद की मौत हुई।
सावधान : तेज रफ्तार बन सकती है जानलेवा
बार-बार चालान कटना केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जोखिम भरी ड्राइविंग का संकेत भी है।
हमेशा निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाएं।
चालक और आगे बैठे यात्री समेत सभी लोग सीट बेल्ट अवश्य लगाएं।
थकान, जल्दबाजी या मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं।
एयरबैग तभी अधिक प्रभावी सुरक्षा देते हैं, जब सीट बेल्ट भी लगी हो।
यातायात नियमों का पालन आपकी और दूसरों की जान बचा सकता है।



