चेयरमैन ने किया गोशाला का औचक निरीक्षण

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नगर पंचायत मडराक के नौहटी में स्थित गौशाला का चेयरमैन राजकुमार दिवाकर ने औचक निरीक्षण किया। जिससे मौजूद कर्मचारियों में खलबली मच गई।
शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान ं चेयरमैन ने गोवंश के चारे के बारे में गोशाला में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी हासिल की तो बताया कि प्रतिदिन गोवंश और गायों को सात कुंटल चारा दिया जाता है। जिसमें चार कुंटल हरा चारा दिया जाता है। कर्मचारियों ने चेयरमैन को बताया कि हरा चारा गोशाला में स्थित चारागाह की जमीन पर ही उगाया जाता है। जिसके लिए खाद बीज की व्यवस्था नगर पंचायत से की जाती है। वहीं चेयरमैन ने बताया कि गोवंश के पीने के लिए पानी की व्यवस्था हेतु एक समरसिवल तथा उपजाऊ जमीन के लिए नलकूप लगाया गया है। वहीं पशुओं के बीमार होने पर बीओ डा. रविन्द्र चैधरी की देखरेख में सरकारी पशु चिकित्सक राजेश शर्मा को तैनात किया गया है। जो प्रतिदिन गोवंश का हाल जानते है। और किसी भी गोवंश के बीमार होने या कोई अन्य परेशानी होने पर उसका उपचार करते है। वहीं गोवंश को तेज धूप और बरसात से बचने हेतु तथा छाया प्रदान करने वाले टिन सैट लगे है। इसके अलावा गोशाला परिसर में साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। जिसमें गोवंश कोई परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन के साथ जगजीत सिंह तोमर, चेतन राना, रजेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, हरेन्द्र उपाध्याय, तथा गोशाला मुख्य संरक्षक विमल महाजन आदि मौजूद थे।

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Author: Sunil Kumar

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।