उच्च न्यायालय के आदेशानुसार महिला कल्याण विभाग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने संयुक्त रूप से सासनी तहसील में सड़कों और फुटपाथों पर लावारिस जीवन बिता रहे बेघर, मानसिक रूप से बीमार, दिव्यांग और भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों व बालकों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ब्लॉक, चैराहा और बस स्टैंड जैसे चिह्नित सार्वजनिक स्थानों पर एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया।
अभियान के दौरान भिक्षावृत्ति पर कानूनी कार्रवाई के निर्देशअभियान के तहत उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति निषेध अधिनियम 1975 का कड़ाई से पालन करने की बात कही गई। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगना एक दंडनीय अपराध है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे व्यक्तियों को बिना वारंट के गिरफ्तार कर पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में फुटपाथ पर सोने को मजबूर न हो। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का संचालन विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्री दीपक चैहान और चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट की ओएससी सेंटर मैनेजर श्रीमती मनीषा भारद्वाज द्वारा किया गया। टीम में एएचटीयू प्रभारी श्री रवि भूषण शर्मा, सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार, कांस्टेबल अनुज कुमार, कांस्टेबल सूर्यकांत और कांस्टेबल शुभम मुख्य रूप से सम्मिलित रहे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



