लुधियाना देश का सबसे बड़ा मैनमेड फाइबर आधारित विंटर गारमेंट्स, स्वेटर, जैकेट और निटवियर उत्पादन केंद्र है। यहां की हजारों एमएसएमई इकाइयां अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम एशिया सहित कई देशों को निर्यात करती हैं।

भारत के सबसे बड़े विंटर निटवियर और मैनमेड फाइबर गारमेंट्स उत्पादन केंद्र लुधियाना ने निर्यात बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सामने व्यापक रोडमैप रखा है।
क्लब के प्रधान दर्शन डाबर ने कूमकलां में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कॉमन प्रोसेसिंग सेंटर, परीक्षण प्रयोगशालाएं, डिजाइन एवं नवाचार केंद्र, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी साझा सुविधाओं से उत्पादन लागत घटेगी और एमएसएमई इकाइयों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
उद्योग ने हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बड़ा अवसर बताया है। उसका कहना है कि इससे विदेशी खरीदारों और निवेशकों की आवाजाही आसान होगी। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार चीन-प्लस-वन रणनीति और एफटीए से मिले अवसरों का लाभ तभी मिलेगा जब आधुनिक ढांचे, तेज लॉजिस्टिक्स और ब्रांडिंग पर समान रूप से निवेश किया जाए।
बायर लाओ, निर्यात बढ़ाओ पर जोर
उद्योग ने केंद्र से हर वर्ष दो से तीन रिवर्स बायर-सेलर मीट कराने की मांग की है। विदेशी खरीदारों के सीधे लुधियाना आने से उत्पादन इकाइयों का आकलन आसान होगा और निर्यात के नए अनुबंध मिल सकेंगे। उद्योग का मानना है कि इससे एफटीए का वास्तविक लाभ मिलेगा।



