
फतेहाबाद के रतिया में 33 वर्षीय युवक गुरप्रीत सिंह ने बुधवार सुबह अपनी 5 वर्षीय बेटी गुरुनिवास कौर को रोझवाली के पुल से भाखड़ा नहर में फेंक दिया। गुरप्रीत ने अपनी बेटी को भाखड़ा नहर में फेंकने की जानकारी भी खुद जाकर अपनी पत्नी को दी जिस पर घर में हड़कंप मच गया और और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
एक बेटी की पहली हो चुकी है मौत
उसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को 112 पर दी। मामले की सूचना मिलने के बाद सदर थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर भाखड़ा नहर पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत की तीन बेटियां थीं जिसमें से एक की पहले ही मौत हो चुकी है और तीसरी बेटी के जन्म से ही गुरप्रीत सिंह मानसिक तनाव से ग्रस्त हो गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक तनाव के चलते गुरप्रीत ने यह कदम उठाया है।
गोताखोरों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह खेतीबाड़ी का काम करता है और पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। परिजनों के अनुसार उसका हिसार से मानसिक बीमारी का उपचार भी चल रहा है। जानकारी के अनुसार गुरप्रीत सिंह की तीन बेटियां थीं, जिनमें से एक बेटी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
गुरुनिवास कौर रॉयल पब्लिक स्कूल बहबलपुर में पढ़ती थी। सुबह वो बाइक से अपनी बेटी के स्कूल पहुंचा और वहां से अपनी बेटी को लेकर रोझवाली के पुल से भाखड़ा नहर में फेंक दिया। फिर वहां से घर पहुंचकर अपनी पत्नी को पूरे मामले की जानकारी दी।
