पंजाब का जवान राजाैरी में बलिदान: नवंबर में होना था जवान सुखप्रीत का विवाह, परिवार में पसरा मातम

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सुखप्रीत ने प्लस टू के बाद सेना की तैयारी शुरु कर दी थी। 2019 में मध्यप्रदेश जबलपुर ट्रेनिंग के लिए गया। इसके बाद ट्रेनिंग पूरी कर करीब दो वर्ष चीन के बाॅर्डर पर ड्यूटी की।

Punjab soldier Sukhpreet Singh loses his life after slipping while on duty in Rajouri

गिद्दड़बाहा के गांव बुट्टर बखुआ (कोटभाई) के 27 वर्षीय राइफलमैन सुखप्रीत सिह के साथ जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकी पर ड्यूटी के दौरान दुःखद हादसा हो गया। बरसात में सिर पर पत्थर गिरने से सुखप्रीत फिसलकर गिरा और शहीद हो गया है। उनकी माैत की सूचना से पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

जवान के निवास पर पूरा गांव परिवार के साथ संवेदना प्रकट करने पहुंच रहा है और हर आंख नम है। यह घटना जम्मू के पास सुंदरबनी सेक्टर में मंगलवार व बुधवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे घटित हुई है।
मृतक के ताऊ गुरदीश सिंह ने बताया कि उन्हें सूबेदार का फोन आया था। उन्होंने बताया कि गत रात करीब डेढ़ बजे ड्यूटी के दौरान जोरदार बारिश हो रही थी। तभी लैंड स्लाइडिंग हो गई। सुखप्रीत अपने तीन अन्य साथियों के साथ ड्यूटी दे रहा था। लैंड स्लाइडिंग के दौरान एक पत्थर सुखप्रीत के ऊपर आ गिरा और वह फिसल गया जिससे उसकी मौत हो गई। अन्य तीन जवानों को भी चोटें आई हैं। मगर वह सभी सुरक्षित हैं।
उनके अनुसार सुखप्रीत ने प्लस टू के बाद सेना की तैयारी शुरु कर दी थी। 2019 में मध्यप्रदेश जबलपुर ट्रेनिंग के लिए गया। इसके बाद ट्रेनिंग पूरी कर करीब दो वर्ष चीन के बाॅर्डर पर ड्यूटी की। बीच में अमृतसर में भी ड्यूटी पर तैनात रहा। इसी वर्ष मार्च से वह जम्मू में ड्यूटी दे रहा था।

उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले सुखप्रीत छुट्टी पर गांव आया था और परिजनों, रिश्तेदारों व दोस्तों से मिलकर गया था। नंवबर में सुखप्रीत का विवाह होना तय था। परिवार के लोग बेहद खुश थे और विवाह की तैयारियां भी शुरू हो गई थी। गिद्दड़बाहा के गांव थराजवाला में ही उसकी मंगनी हुई थी।

पूरा परिवार ही इस हादसे के बाद टूट गया है और खुशियां गम में बदल गई हैं।  मृतक जवान सुखप्रीत की छोटी बहन कमलप्रीत कौर कनाडा में पढ़ाई कर रही है। 24 जुलाई को उसके वापिस आने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। परिवार द्वारा मृत जवान के शव को लाने के लिए भी कार्रवाई पूरी की जा रही है और शव 23 जुलाई को बठिंडा कैंप में पहुंच जाएगा। जहां से 24 जुलाई को पैतृक गांव बुट्टर बखुआ लाया जाएगा और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
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Author: Farheen

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