Delhi Farmers Protest Live Updates in Hindi: देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों के किसान महापंचायत के लिए दिल्ली कूच पर निकल पड़े हैं। दिल्ली के किसान घाट पर भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करवाने समेत किसानों की मांगो को लेकर विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा।

किसानों से वार्ता करने पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
बहादुरगढ़ बाईपास पर डटे किसान वापिस घर रवाना
बहादुरगढ़ बाईपास पर डटे किसान वापिस घर रवाना हो गए हैं। पुलिस के साथ बातचीत के बाद किसान संगठन ने वापस जाने का फैसला लिया। ये किसान सुबह 6 बजे से बहादुरगढ़ बाईपास पर डटे थे। दिल्ली द्वारका यूईआर 2 के इंट्री पॉइंट पर किसानों को रोका था। काफी देर तक किसानों को न आगे जाने दिया और ना ही पीछे जाने दिया। बातचीत के बाद पुलिस और किसानों में सहमति हुई। किसान वापिस अपने घर फिरोजपुर, मोगा और लुधियाना की तरफ वापिस जाएंगे। वहीं, किसान नेता सुखजिंदर ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं होने देंगे। आंदोलन स्थगित हुआ है खत्म नहीं। किसान संगठनों के साथ बैठक में अगली रणनीति का फैसला किया जाएगा। देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले देशभर के किसानों संगठनों की दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत होनी थी।बहादुरगढ़ से रोहतक होते हुए वापिस पंजाब अपने घर किसानों ने जाना शुरू किया।
दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर, सिंघु बॉर्डर पर तलाशी अभियान
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस की तरफ से की गई विशेष तैयारी की गई है। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस सघन तलाशी अभियान चला रही है। बॉर्डर पर पुलिस बल के अलावा वाटर कैनन और वज्र वाहन को तैनात किया गया है। पुलिस वाहनों की तलाशी लेकर दिल्ली की ओर आ रहे किसानों को रोक रहे हैं। साथ ही तलाशी के बाद ही वाहनों को दिल्ली में घुसने की इजाजत दी जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) के नेतृत्व में संगरूर इलाके के सैकड़ों किसानों ने खनौरी के समीप दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर पहुंचकर कब्जा जमा लिया और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
किसान आंदोलन के दिल्ली कूच और एक्सप्रेसवे जाम की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहले ही दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और झंडे लेकर मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारें तानाशाही रवैया अपनाकर जायज मांगों को उठाने वाले छात्रों, मजदूरों और किसानों की आवाज को पुलिस बल के दम पर दबाना चाहती हैं। सरकारें ऐसे फैसले ले रही हैं जो सिर्फ किसानी ही नहीं, बल्कि पूरी आम जनता के लिए बेहद खतरनाक हैं। इन जनविरोधी नीतियों को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे।
बीकेयू एकता आजाद के अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल, जसवीर सिंह मेदेवास और संत राम छाजली ने कहा कि जब तक सरकारें जनविरोधी फैसले वापस नहीं लेतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा। एक्सप्रेसवे पर किसानों के डेरा डालने से आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट करना पड़ा है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
