
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, मैं आज जींद वालों से कुछ मांगने आया हूं। क्या इस सफाई और स्वच्छता के लिए मोदी का आना जरूरी है? अगर जींद और हरियाणा के लोग तय कर लें कि अब हम गंदगी नहीं करेंगे। तो जींद और हरियाणा कभी गंदा हो ही नहीं पाएगा। स्वच्छता को हमारा स्वभाव बनाएंगे। स्वच्छता को हमारा संस्कार बनाएंगे। हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे। करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की क्षमता 1200 किलोवाट है। यह एक बार में लगभग 2600 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। ट्रेन को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि इसमें यात्रियों को आरामदायक सफर के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। आइए जानते हैं पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फिलहाल यह ट्रेन करीब 90 किलोमीटर के रूट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हम लगातार शोध करते रहेंगे, ताकि इसकी लागत कम हो और इसकी दक्षता बढ़ाई जा सके। दुनिया में अभी केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और वहां भी यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत की हाइड्रोजन तकनीक और क्षमता पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी क्षमता 3200 हॉर्सपावर है। इसके साथ ही यह परिचालन दूरी के लिहाज से भी दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन सेवाओं में से एक है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिजाइन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसे बनाया है। अब जींद में और इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा व कंपनियां आएंगी।
पीएम मोदी ने कहा, इतने वर्षों में जींद के घी और जींद के घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद भाजपा-NDA के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है।
हरियाणा की नई पटरी पर चल पड़ा: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्यक्रम डबल इंजन की भाजपा सरकार के इसी मिशन को नई ऊर्जा से भर रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में पूरा हरियाणा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, आज जींद और हरियाणा का नाम इतिहास पन्नों में दर्ज हो हो गया है। आज यहां देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। पिछले कुछ वर्षों में, पूरा हरियाणा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
‘भारत की पहली ट्रेन बॉम्बे-ठाणे के बीच चली, वैसे ही भविष्य में जींद का नाम आएगा’
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद के, सोनीपत का और हरियाणा का नाम आएगा ही आएगा।
हरियाणा को मिली 14 हजार करोड़ से अधिक की सौगात: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, आज 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे के, हाईवे के अनेक नए प्रोजेक्ट हैं, हमारी विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स है और 2 मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हैं।
21वीं सदी के रेलवे की पहचान हाइड्रोजन रेल: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, अगर हम रेलवे के इतिहास पर नजर डालें तो पाते हैं कि 19वीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से थी। 20वीं सदी की पहचान डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी और अब 21वीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। साथ ही कहा, दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है।
पीएम मोदी ने हाइड्रोजन ट्रेन का बताया सामर्थ्य
पीएम मोदी ने कहा, भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको और एक-एक हिंदुस्तानी को गर्व होगा। जींद से चलने वाली हाइड्रोज ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोज ट्रेन है। ये ट्रेन 3200 हॉर्स पॉवर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, बल्कि भारत की हाइड्रोज ट्रेन सबसे लंबी भी है।
अब 2014 जैसी स्थिति नहीं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बोले, 2014 में देश का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा था, जहां हमारी ट्रेनें डीजल से चलती थी। अब आप सोचिए, अगर डीजल आना बंद हो गया होता तो, डीजल से चलने वाली ट्रेन कैसे चलती, देश संकट में आ जाता। लेकिन ये 2014 की स्थिति नहीं है। ये मोदी है, बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन और उतारता है।