IDFC First Bank Scam: सीबीआई चार्जशीट में घोटाले का काला चिट्ठा, फर्जी खाते; बदले गए मोबाइल-ईमेल

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जांच एजेंसी के मुताबिक केवल आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से ही 722 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं। इनमें बड़ी राशि सरकारी विभागों से जुड़ी है।
IDFC First Bank Scam CBI chargesheet reveals details of fraud

हरियाणा के सरकारी खजाने में हुए 590 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट ने उस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें सरकारी विभागों के अधिकारी, निजी बैंक के कर्मचारी और फर्जी कंपनियों के संचालक कथित तौर पर एक ही साजिश का हिस्सा बनकर जनता के करोड़ों रुपये ठिकाने लगाते रहे।

पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार यह मामला महज वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि बैंकिंग सुरक्षा, सरकारी वित्तीय नियंत्रण और साइबर सिस्टम को दरकिनार कर रची गई सुनियोजित आपराधिक साजिश है।
जांच एजेंसी ने 15 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि, सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार, बैंक ऑथराइजर सीमा धीमन समेत अन्य बैंक अधिकारी, हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन के तत्कालीन निदेशक (वित्त) अमित दीवान, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के वित्त नियंत्रक रणधीर सिंह, पंचायत विभाग के अधीक्षक नरेश कुमार तथा अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला और अंकुर शर्मा जैसे निजी कंपनियों के संचालक शामिल हैं।
722 करोड़ से अधिक संदिग्ध लेन-देन की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक केवल आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से ही 722 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं। इनमें बड़ी राशि सरकारी विभागों से जुड़ी है। शुरुआती खुलासा पंचायत विभाग की आंतरिक ऑडिट के दौरान बैंक खातों के मिलान में सामने आई भारी विसंगतियों से हुआ था।

किस विभाग से कब और कितना निकला पैसा
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से हुई धोखाधड़ी में सबसे अधिक प्रभावित विभाग हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद रहा, जिसके 101 डेबिट लेन-देन के जरिए 1,82,93,82,811 रुपये निकाले गए। इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभिन्न खातों से 49 लेन-देन के माध्यम से कुल 1,92,49,05,598 रुपये की निकासी दर्ज की गई।

नगर निगम पंचकूला के 22 लेन-देन में 1,00,00,00,000 रुपये और निदेशक पंचायत (एमएमजीएवाई 2.0) के 16 लेन-देन में 89,23,69,652 रुपये का गबन किया गया। अन्य प्रभावित विभागों में एचपीजीसीएल कर्मचारी पेंशन फंड ट्रस्ट, एचपीजीसीएल ड्राई फ्लाई ऐश फंड, नगर परिषद कालका, वेलफेयर कमीशन हरियाणा और हरियाणा मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड शामिल हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई।

आईडीएफसी बैंक के कुल 221 डेबिट लेन-देन के जरिए 7,22,35,73,539.76 रुपये का गबन किया गया। इसके अलावा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के माध्यम से भी अनियमितताएं सामने आईं। इसमें निदेशक पंचायत (एमएमजीएवाई 2.0) के खाते से 14 लेन-देन में 71,61,14,910 रुपये और एचपीजीसीएल कर्मचारी पेंशन फंड ट्रस्ट के खाते से 25,00,00,000 रुपये निकाले गए। इस प्रकार एयू बैंक से कुल 15 लेन-देन में 96,61,14,910 रुपये की अवैध निकासी हुई। 

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Author: priya singh

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