आरोपी टांडा के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया के साथ मिलकर साजिश को अंजाम दिया।

पंजाब पुलिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक के सबसे गंभीर आरोपों में से एक सामने आया है। अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर और टांडा के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को एक अंतरराष्ट्रीय उगाही और धोखाधड़ी के मामले में संघीय अभियोग में नामजद किया है।
लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में अनसील किए गए अभियोग के अनुसार, नागरा ने कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। जांच में दावा किया गया है कि कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में बैठे सिंडिकेट सदस्य ने पीड़ित परिवार की जानकारी भारत भेजी, जिसके बाद उनके भारत में रहने वाले रिश्तेदारों को हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं।
यदि अदालत में ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब पुलिस की छवि, जवाबदेही और संगठित अपराध के साथ कथित संबंधों पर भी गंभीर बहस छेड़ सकता है।
टांडा थाना प्रभारी पुलिस लाइन भेजे गए, तथ्य जांच के आदेश
पंजाब पुलिस ने टांडा थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन, होशियारपुर स्थानांतरित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ कथित तौर पर अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत रंगदारी मामले में जांच किए जाने संबंधी खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों का संज्ञान लेने के बाद की गई है।
डीआईजी जालंधर रेंज कार्यालय के अनुसार, मामले के तथ्यों की पुष्टि के लिए औपचारिक तथ्य जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसपी (इन्वेस्टिगेशन) जालंधर ग्रामीण आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है।
जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी आरोपों और संबंधित तथ्यों की गहन जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इंस्पेक्टर नागरा का स्थानांतरण तथ्यों के सत्यापन तक एक प्रशासनिक कदम है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आवश्यक हुआ तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।