पंजाब में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए हाईकमान ने तीन कार्यवाहक प्रधानों के फाॅर्मूले के तहत आगे बढ़ने का निर्णय लिया मगर यही फाॅर्मूला सूबे के कुछ अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को पसंद नहीं आया, जिस वजह से वे दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं।

पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेसियों को चुनावी तैयारियों के लिए गठित की गईं कमेटियों की कमान सौंपी है। हालांकि एकजुट करने का फॉर्मूला कुछ नेताओं को रास नहीं आ रहा है।
सूबे में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए हाईकमान ने तीन कार्यवाहक प्रधानों के फाॅर्मूले के तहत आगे बढ़ने का निर्णय लिया मगर यही फाॅर्मूला सूबे के कुछ अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को पसंद नहीं आया, जिस वजह से वे दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं।
पूर्व महासचिव बोले-आत्ममंथन करें
पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व महासचिव करणबीर सिंह रंधावा कहते है कि एआईसीसी को तुरंत आत्ममंथन करना चाहिए क्योंकि पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक इस फैसले से निराश है। अगर 2027 में जीत हासिल करनी है तो कांग्रेस हाईकमान को अपनी दिशा सुधारनी होगी और जमीनी हकीकत के हिसाब से काम करना होगा।
कई वरिष्ठ नेताओं ने नहीं जताया आभार
हाईकमान ने सूबे के जिन वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को एडजस्ट करते हुए बुधवार को जो नियुक्तियां की हैं, उनमें से तीन नेताओं प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजइंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने ही हाईकमान का आभार जताया है जबकि अन्य किसी वरिष्ठ नेताओं ने अपनी नियुक्तियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पूछे जाने पर कुछ नेताओं ने बताया कि इस फैसले की अभी समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस हाईकमान ने सूबे के वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार समिति, मेनिफेस्टो कमेटी, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और कोर कमेटी में अहम पद सौंपे हैं मगर प्रदेशाध्यक्ष नहीं बदला जबकि इसी के लिए हाईकमान पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया जा रहा था।