पश्चिमी हरियाणा के कुछ हिस्सों को छोड़कर प्रदेश में 2 जुलाई को मानसून की एंट्री हो चुकी है और अगले दो दिनों में पूरा हरियाणा मानसून की चपेट में आ जाएगा। इसके कारण प्रदेश के दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे आ गए हैं।

हरियाणा में मानसून के प्रवेश करते ही 18 जिलों में झमाझम बारिश हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 56.2 मिमी बारिश हिसार में रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और दिन-रात के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
वीरवार को राजस्थान से सटे पश्चिमी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश हरियाणा में मानसून की प्रभावी एंट्री देखने को मिली। सुबह से ही कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में मानसून की बारिश होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने नए लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाओं तथा पछुआ हवाओं के मिलन ने मौसम में बड़ा बदलाव किया है। इसके प्रभाव से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम, जबकि कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी हरियाणा के कुछ हिस्सों को छोड़कर प्रदेश में 2 जुलाई को मानसून की एंट्री हो चुकी है और अगले दो दिनों में पूरा हरियाणा मानसून की चपेट में आ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार हिसार, अंबाला, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी, फतेहाबाद, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल और सोनीपत सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। इसके कारण प्रदेश के दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे आ गए हैं।
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि अगले पांच दिनों तक हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में भी गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार हैं।
Author: priya singh
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