
चानौत आंदोलन को समर्थन देने का सिलसिला जारी है। घिराय और सिंघवा राघो के ग्रामीणों ने बड़ा एलान किया है। धरना कमेटी के अनुसार, दोनों गांवों के ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने चानौत गांव को भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन नहीं दिया तो अपने-अपने गांवों की जमीन से गुजरने वाली शहर की मुख्य 36 इंची पेयजल पाइपलाइन को किसी भी सूरत में नहीं बिछाने देंगे।
धरना कमेटी ने मंगलवार को महापंचायत के बाद कहा था कि 3 जुलाई को प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिया जाएगा। साथ ही 4 जुलाई को मानव शृंखला बनाने व 6 जुलाई को सांकेतिक रोड जाम करने का एलान किया है।
धरना कमेटी के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि कमेटी सदस्यों, आंदोलन से जुड़े नेताओं सहित करीब 35 सोशल मीडिया अकाउंट व चैनल को पुलिस प्रशासन ने दो दिन पहले बैन कर दिया था। इस मामले में धरना कमेटी के सदस्यों ने डीसी राहुल नरवाल से मुलाकात की। डीसी से मुलाकात के बाद कमेटी सदस्यों ने दावा किया कि उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इन बैन किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स को दोबारा बहाल करवा देंगे।
5 जुलाई को इनेलो सुप्रीमो पहुंचेंगे चानौत
5 जुलाई को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला चानौत गांव पहुंचेंगे। उनके साथ इनेलो की समस्त प्रदेश कार्यकारिणी, पार्टी के सभी मौजूदा और पूर्व विधायक भी धरनास्थल पर पहुंचेंगे। अभय चौटाला करीब एक महीना पहले भी धरना स्थल पर आए थे।
बातचीत से ही चानौत विवाद का समाधान संभव: बराला
चानौत विवाद का समाधान केवल बातचीत और आपसी सहमति से ही संभव है। मुख्यमंत्री और धरना कमेटी के बीच हुई पहली बैठक के बाद समाधान की उम्मीद जगी थी। उस समय कमेटी के कई सदस्यों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं लेकिन कुछ कारणों से सहमति नहीं बन पाई। यह बात राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने अमृत सरोवर योजना की लॉन्चिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित कर लोकतांत्रिक तरीके से विवाद को समाप्त किया जाना चाहिए। धरना स्थल पर किसान नेताओं के बीच हुई हाथापाई की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बराला ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि टी-कनेक्शन लगाने और बाद में हटाने के मामले के बाद हुई राजनीतिक बयानबाजी से विवाद और बढ़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो सरकार नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
Author: priya singh
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