
अर्बन एस्टेट थाना में पुलिस हिरासत में 30 वर्षीय सुनील की मौत के मामले में न्यायिक जांच तेज हो गई है। जांच के दौरान थाने की सीसीटीवी फुटेज में सुनील मंगलवार रात 2:32 बजे लघुशंका के लिए जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह वापस आकर लेट गया। रात 3:36 बजे की फुटेज में वह लेटे-लेटे पैर पटकता और छाती पर हाथ मारता नजर आया। कुछ सेकेंड बाद उसका शरीर शिथिल पड़ गया।
मामले की जांच सीजेएम राजीव कुमार की निगरानी में की जा रही है। उन्होंने बुधवार को थाना पहुंचकर लॉकअप का निरीक्षण किया और उस स्थान का जायजा लिया जहां सुनील बंद था। उन्होंने लॉकअप में मौजूद दूसरे हवालाती से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उसके बयान दर्ज किए। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और उसे पेन ड्राइव में सुरक्षित कर सील कर दिया गया।
सुनील की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार को मछली मार्केट का वह ब्लॉक बंद रहा जहां उसकी दुकान थी। पड़ोसी दुकानदार राजकुमार ने बताया कि सुनील का व्यवहार ठीक नहीं था। उसकी पत्नी अच्छी कमाई करती थी जबकि वह घर से पैसे चुराकर शराब पीता था। चार दिन पहले भी उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी।
कापा लेकर आया था, मुझे मार देता
मृतक की पत्नी संध्या ने बताया कि 26 जून को सुनील ने उसके सिर पर डंडे से हमला किया था जिससे उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उस समय पुलिस को शिकायत दी गई थी लेकिन समझौते के बाद मामला शांत हो गया। संध्या के अनुसार मंगलवार शाम सुनील मीट काटने वाला कापा लेकर आया था और उस पर हमला करने की कोशिश कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि पिछले महीने भी सुनील ने उसे छत से धक्का देने का प्रयास किया था। किसी तरह जान बचाकर उसने पुलिस को फोन किया। संध्या ने कहा कि यदि वह पुलिस को सूचना नहीं देती तो सुनील उसे मार डालता।
परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम
पुलिस ने सुनील के पैतृक गांव, उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के सिरसा कलां में उसके परिजनों को सूचना दे दी है। परिजन वीरवार को हिसार पहुंचेंगे। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। संध्या ने बताया कि परिवार लंबे समय पहले रोजगार के सिलसिले में गांव छोड़कर बाहर आ गया था।
बच्चों को नहीं पता, सिर से उठ गया पिता का साया
सुनील की छह वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटा भी अपनी मां के साथ थाने पहुंचे थे। शव करीब आठ घंटे तक थाने में रखा रहा और इस दौरान दोनों बच्चे वहीं खेलते रहे। मासूमों को इस बात का अहसास भी नहीं था कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
Author: priya singh
The Voice behind the Mic. The Pen behind the Truth. 👑 🎙️ News Anchor | Digital Scribe 🖋️ Crafting perspectives, delivering facts, and documenting history in black & white. 🏛️ Where eloquence meets hard-hitting journalism. 👇 Read the untold stories below.



