परिजनों के मुताबिक, आज सुबह सिमरन और उसकी मां शकुंतला घर पर ही मौजूद थीं। सुबह करीब 10:00 बजे सिमरन को अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। बेटी की तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत गांव के ही एक स्थानीय डॉक्टर से संपर्क किया।

हिसार जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी कर रही एक महिला परीक्षार्थी ने मानसिक तनाव के चलते कीटनाशक पदार्थ पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका इससे पहले दो बार नीट की परीक्षा दे चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए हिसार के जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे।
राजस्थान के सीकर में रहकर कर रही थी तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के गाँव ढाणी खान बहादुर निवासी रोहतास ने बताया कि उनकी बेटी सिमरन (मृतका) मेडिकल लाइन में जाने का सपना देख रही थी और इसके लिए वह राजस्थान के सीकर में रहकर नीट परीक्षा की कोचिंग और तैयारी कर रही थी। पिता ने बताया कि सिमरन इससे पहले दो बार यह परीक्षा दे चुकी थी। पहली बार के प्रयास में वह परीक्षा पास नहीं कर पाई थी, जबकि दूसरी बार में परीक्षा रद्द हो गई थी। इन सब परिस्थितियों के बावजूद वह हार न मानते हुए लगातार पूरी मेहनत के साथ दोबारा तैयारी में जुटी हुई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के गाँव ढाणी खान बहादुर निवासी रोहतास ने बताया कि उनकी बेटी सिमरन (मृतका) मेडिकल लाइन में जाने का सपना देख रही थी और इसके लिए वह राजस्थान के सीकर में रहकर नीट परीक्षा की कोचिंग और तैयारी कर रही थी। पिता ने बताया कि सिमरन इससे पहले दो बार यह परीक्षा दे चुकी थी। पहली बार के प्रयास में वह परीक्षा पास नहीं कर पाई थी, जबकि दूसरी बार में परीक्षा रद्द हो गई थी। इन सब परिस्थितियों के बावजूद वह हार न मानते हुए लगातार पूरी मेहनत के साथ दोबारा तैयारी में जुटी हुई थी।
घर पर अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ा
परिजनों के मुताबिक, आज सुबह सिमरन और उसकी मां शकुंतला घर पर ही मौजूद थीं। सुबह करीब 10:00 बजे सिमरन को अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। बेटी की तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत गांव के ही एक स्थानीय डॉक्टर से संपर्क किया और उसे इंजेक्शन लगवाया, लेकिन सिमरन के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
परिजनों के मुताबिक, आज सुबह सिमरन और उसकी मां शकुंतला घर पर ही मौजूद थीं। सुबह करीब 10:00 बजे सिमरन को अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। बेटी की तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत गांव के ही एक स्थानीय डॉक्टर से संपर्क किया और उसे इंजेक्शन लगवाया, लेकिन सिमरन के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
हालत लगातार बिगड़ती देख जब सख्ती से पूछा गया, तो सिमरन ने खुद ही परिजनों को बताया कि उसने घर में रखा कीटनाशक (जहरीला पदार्थ) पी लिया है। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे आनन-फानन में सिमरन को गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
