Aligarh News: प्रसव के बाद प्रसूता की मौत पर हुआ हंगामा, नर्सिंग होम किया सील, संचालक सहित दो हिरासत में

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हंगामा व अधिकारियों से बातचीत के दौरान परिजनों की ओर से आरोप लगाए गए कि ऑपरेशन के बाद टांके नहीं लगाए गए थे। यूं ही पट्टी बांध दी गई थी। साथ में ऑपरेशन में किसी तरह आंत में कट लग गया था, जिस दिन दिल्ली भेजने की बात हुई। उस दिन ऑपरेशन वाले स्थान से खून बह रहा था।

Nursing home sealed after pregnant woman death

अलीगढ़ के महुआ खेड़ा इलाके में एटा चुंगी चौराहे के श्री चंद्रगुप्त हॉस्पिटल में प्रसव के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली भेज दिया। जहां सफदरजंग अस्पताल में महिला की मौत हो गई। इस पर बिफरे परिजनों ने शुक्रवार शाम शव वापस आने पर नर्सिंग होम के सामने शव रखकर जमकर हंगामा किया। डॉक्टर व अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया।

इस दौरान हॉस्पिटल पर बुलडोजर चलाने से लेकर परिवार को मुआवजा व डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की गई। समझाने पर कई बार पुलिस से नोकझोंक हुई। चार घंटे बाद कार्रवाई के आश्वासन पर हंगामा खत्म कर जाम खोला गया और शव गांव ले गए। फिलहाल हॉस्पिटल सील कर संचालक सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

घटनाक्रम के अनुसार पनैठी क्षेत्र के गांव अलहदादपुर के ओमपाल टेंपो चलाते हैं। वर्तमान में परिवार सहित सिंधौली बाबा कॉलोनी में रहते हैं। पहले से उन पर तीन बच्चे हैं। अब चौथी बार गर्भवती पत्नी कल्पना को 12 जून को श्री चंद्रगुप्त हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां 13 जून को ऑपरेशन से कल्पना ने बेटी को जन्म दिया।

इसके बाद तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर उसे 16 जून को दिल्ली भेज दिया गया। इस दौरान हॉस्पिटल का एक कर्मचारी भी भेजा गया और वह आनन-फानन महिला को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराकर वापस आ गया। परिजनों का आरोप है कि वहां चिकित्सकों ने देखते ही हालत बेहद गंभीर बताई। महिला के ऑपरेशन व टांके लगाने में लापरवाही बताते हुए संक्रमण फैलने की बात कही। बृहस्पतिवार को महिला को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे शव लेकर जब परिजन यहां पहुंचे तो खबर पर ग्रामीण, मायके पक्ष के लोग हॉस्पिटल पर पहुंच गए। शव को हॉस्पिटल के सामने जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया और हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल सील कर दिया है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। संचालक सहित दो लोग हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ कर आगे कार्रवाई तय की जाएगी। परिजनों की मांगों के अनुसार मुआवाजा आदि की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
बुलडोजर कार्रवाई व मुआवजे की उठी मांग
इस खबर पर सीओ द्वितीय, महुआ खेड़ा व गांधीपार्क पुलिस के साथ-साथ एसीएमओ डॉ.एसके जैन भी टीम के साथ पहुंच गए। भीड़ ने कई बार अंदर घुसकर नर्सिंग होम में तोड़फोड़ व डॉक्टर को खींचने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोका तो कई बार नोकझोंक हुई। इसी दौरान हॉस्पिटल पर बुलडोजर चलाने, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने व आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठी। पहली बार वार्ता के क्रम में साढ़े सात बजे हंगामा शांत कर जाम खोला गया। आधा घंटे की बातचीत के बाद फिर बात बिगड़ गई और फिर से जाम लगा दिया। बाद में नौ बजे एसीएमओ द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन पर भीड़ शांत हुई। तब शव को गांव ले जाया गया।

हंगामा-बातचीत में उछले यह आरोप
हंगामा व अधिकारियों से बातचीत के दौरान परिजनों की ओर से आरोप लगाए गए कि ऑपरेशन के बाद टांके नहीं लगाए गए थे। यूं ही पट्टी बांध दी गई थी। साथ में ऑपरेशन में किसी तरह आंत में कट लग गया था, जिस दिन दिल्ली भेजने की बात हुई। उस दिन ऑपरेशन वाले स्थान से खून बह रहा था। जब सवाल जवाब किए गए तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया।

नवजात ननिहाल में, तीन बच्चों का हाल बेहाल
मां की मौत के बाद शव आने की खबर पर महिला के तीन बड़े बच्चों में 15 साल का कन्हैया, 12 का शिवा व सात साल की बेटी कामिनी अस्पताल पर पहुंच गए थे। तीनों का हाल बेहाल था। हालांकि जो बेटी पैदा हुई। वह अभी ननिहाल में छोड़ी गई है।

सील सहित ये तय की गई कार्रवाई
परिजनों से बातचीत के बाद एसीएमओ डॉ.एसके जैन ने ऑपरेशन व उपचार के दस्तावेज देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही मानी है। इसी आधार पर अस्पताल को तत्काल सील किया गया। इस दौरान वहां भर्ती दो प्रसूताओं को सरकारी अस्पताल में भिजवाया गया। वहीं, पुलिस को परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। अस्पताल के संचालक डॉ.शारिक सहित दो लोगों को महुआ खेड़ा पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसीएमओ के अनुसार मामले में एफआईआर पर वे अपनी टिप्पणी भी देंगे और दिल्ली से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगाई जाएगी। वह जांच का हिस्सा बनेगी।

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Author: ILMA NEWSINDIA

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