गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में स्कॉर्पियो चालक अबूबकर समेत तीन लोगों की मौत जबकि आठ लोग घायल हैं। परिजनों ने बताया कि करीब 600 किलोमीटर लगातार वाहन चलाने के बाद उन्हें झपकी आ गई, जिससे स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकरा गई और इंजन फट गया। परिजनों का मानना है कि यदि परिवार पठानकोट में रुक जाता तो यह हादसा टल सकता था।

गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार की हादसे के बाद चीखपुकार ऐसी मची की आसपास जिसने सुनी वह सहम गया। इस परिवार को पठानकोट में ठहरना था लेकिन गाड़ी चलाने वाले अबूबकर ने कहा था कि घर जाकर आराम करेंगे। स्कार्पियो डिवाइडर से इस रफ्तार से जाकर टकराई कि इंजन फट गया और डिवाइडर के बीच में स्कार्पियो फंस गई।
चालक अबूबकर जो गाड़ी चला रहे थे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनके भाई की पत्नी हिना और भांजी जुनैरा ने मुरादाबाद के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। आठ लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इन घायलों का फिलहाल उपचार चल रहा है और लखनऊ से नाते रिश्तेदार देरशाम तक संभल पहुंच गए।
अबुबकर के रिश्तेदार अकरम ने बताया कि हम दो स्कार्पियो से परिवार के लोग कश्मीर गए थे। मंगलवार की रात लौटने का प्लान बना तो पठानकोट में ठहरने की बात तय हुई थी। रात के समय ही पठानकोट पहुंचे तो अबुबकर ने पठानकोट में ठहरने से मना कर दिया और लखनऊ ही पहुंचकर आराम करने की बात कही।
एक कार निकल चुकी थी आगे, टोल पर मिली हादसे की जानकारी तो पहुंचे वापस
अबुबकर की कार पीछे चल रही थी और उनके रिश्तेदार आरिफ की कार 20 किलोमीटर से ज्यादा फासले पर आगे चल रही थी। आरिफ ने बताया कि जब वह खिरनी टोल पर पहुंचे तो उन्हें कर्मचारियों ने बताया कि पीछे एक स्कॉर्पियो कार डिवाइडर से टकरा गई है। इस जानकारी पर लौटकर गए। मौके पर मंजर देखकर होश उड़ गए। बताया कि पुलिस और गंगा एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस पहुंच गई थी। अबुबकर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। बाकी लोग दर्द से तड़प रहे थे।
पोस्टमार्टम कराने से किया इन्कार, शव लखनऊ ले गए परिजन
हादसे में तीन लोगों की जान जाने की सूचना पर लखनऊ से परिजन संभल पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराना चाहा लेकिन परिजनों ने मना कर दिया। पुलिस को परिजनों ने लिखित में दिया है कि वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। देररात में परिजन शव लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गए। कई परिजन घायलों की देखभाल करने में लगे हैं।
मेरी कार करीब 400 से 500 मीटर फासले पर चल रही थी
हादसे का शिकार हुई स्कॉर्पियो के पीछे तौकीर की कार चल रही थी। तौकीर का कहना है कि उनकी कार से करीब 400 या 500 मीटर की दूरी का फासला था। रफ्तार करीब 110 से 120 होगी। अचानक से स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ा और डिवाइडर से टकरा गई।
बताया कि हादसा इतना भीषण था कि स्कार्पियो डिवाइडर से टकराकर घुस गई। अचानक से ब्रेक लगाकर निकले तो सभी लोग बुरी तरह फंसे हुए थे। तत्काल मदद मिली तो सभी को बाहर निकाला जा सका। तौकीर का कहना है कि जिस तरह से संतुलन बिगड़ा है उससे लग रहा है कि चालक को नींद की झपकी आई और इससे ही हादसा हो गया।

