UP: ‘मम्मी कब आएंगी’? सवाल जो पत्थर को पिघला दे, शक में जल्लाद बना पति, तेजाब से जलाई लाश, पढ़ें मर्डर मिस्ट्री

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Haridwar Murder Case: बांदा की कौशल्या की हरिद्वार के जंगलों में उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद शिनाख्त मिटाने के लिए चेहरे को तेजाब से जला दिया गया था। पुलिस ने पति ओमप्रकाश, उसके भाई और बहनोई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीछे छूटा महिला का पांच वर्षीय मासूम बेटा अब अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहा है।

हरिद्वार में युवती की हत्या कर खेत में जलाया शव, सनसनी; जांच में जुटी पुलिस  - young woman was murdered and her body was burnt in a field

बांदा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां हरिद्वार के जंगलों में मिली एक अज्ञात महिला के शव की गुत्थी सुलझाते हुए उत्तराखंड पुलिस ने बांदा के तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। यह खौफनाक मामला कौशल्या नाम की महिला की उसी के पति द्वारा की गई हत्या से जुड़ा है।

उसे शक के चलते बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं, दूसरी ओर अपनी माँ की वापसी की राह देख रहे पांच वर्षीय मासूम अनीस की बेबसी ने पूरे गांव की आंखों को नम कर दिया है, जो अभी तक इस क्रूर सच्चाई से अनजान है कि उसकी मां अब कभी वापस नहीं आएगी। आइए जानते हैं पूरी मर्डर मिस्ट्री…

पत्नी पर दूसरे व्यक्ति से संपर्क का था शक
हरिद्वार में जंगल से बरामद एक विवाहित महिला के शव की गुत्थी को उत्तराखंड पुलिस ने सुलझाते हुए हमीरपुर तक पहुंची। पुलिस ने महिला के दूसरे पति को मौदहा व जेठ और नंदोई को बांदा से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक को महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क होने का संदेह था।

शव का चेहरा तेजाब से जलाकर फेंका
इसी शक के चलते पति ने हत्या की साजिश रचकर अपने बड़े भाई और बहनोई के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतारकर हरिद्वार के जंगल में शव का चेहरा तेजाब से जलाकर फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, कौशल्या  (20) बांदा शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्योड़ी बाबा गांव की रहने वाली है।

दिल्ली से पकड़कर बांदा लाई थी पुलिस
वो अपने पहले पति पप्पू और पांच वर्षीय मासूम अनीस को छोड़कर 24 फरवरी 2026 को अपने बुआ सास के बेटे ओमप्रकाश उर्फ गोविंदा के साथ चचेरे देवर की शादी के एक दिन पहले चली गई थी।  इसके बाद मामला कोतवाली नगर दर्ज हुआ था। बांदा पुलिस प्रेमी ओमप्रकाश उर्फ गोविंदा और कौशल्या को दिल्ली से पकड़कर 27 फरवरी को बांदा लाई थी।

पति और बुआ के लड़के के परिवार के बीच समझौता हुआ था
दोनों एक साथ रहने की बात कहने पर कौशल्या के पहले पति पप्पू और बुआ के लड़के गोविंदा के परिवार के बीच समझौता हुआ था। इस समझौते के आधार पर कौशल्या की शादी 27 फरवरी को ही महेश्वरी देवी मंदिर में करा दी गई थी। शादी के अगले दिन 28 फरवरी को गोविंदा अपनी पत्नी कौशल्या को लेकर दिल्ली चला गया था।

पति समेत तीन गिरफ्तार
इसके बाद वह गांव नहीं लौटा था। बीती शाम उत्तराखंड पुलिस जब कोतवाली नगर पुलिस के साथ कौशल्या के पहले पति पप्पू व दूसरे पति गोविंदा के घर पहुंची, तो परिजनों को कौशल्या की हत्या की जानकारी हुई। पुलिस ने शहर कोतवाली के कहला निवासी गोविंदा के बहनोई छेदीलाल और ग्योड़ी बाबा निवासी गोविंदा के बड़े भाई राकेश को कहला गांव से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के बाद दोनों ने जुर्म स्वीकार किया
कोतवाली में हुई पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म भी स्वीकार किया था। इसके बाद उन्हीं ने कौशल्या के पति गोविंदा की लोकेशन पुलिस को दी। उत्तराखंड पुलिस लोकेशन के आधार पर हमीरपुर के मौदहा कस्बा पहुंची वहां से ओमप्रकाश उर्फ गोविंदा को भी गिरफ्तार कर हरिद्वार ले गई। हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि दोनों के बीच संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था।

संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था
क्योंकि गोविंदा को शक था कि कौशल्या किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करती है। इसी शक के आधार पर हत्या की साजिश रचते हुए आरोपी पति, कौशल्या को घूमने के बहाने हरिद्वार ले गया। वहां उसके भाई और बहनोई भी पहले से मौजूद थे। तीनों ने मिलकर आठ मई को सुनसान इलाके में महिला की गला दबाकर हत्या कर दी और शव शिनाख्त न हो सके इसलिए तेजाब से चेहरा जलाकर जंगल में फेंककर फरार हो गए थे।

एक सवाल- मम्मी कब आएंगी
हरिद्वार में निर्मम हत्या की शिकार हुई कौशल्या की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा है। गांव की चौपाल से लेकर घरों के आंगन तक हर किसी की जुबान पर एक ही चर्चा है कि प्रेम-प्रसंग के फेर में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। सबसे ज्यादा चिंता उस मासूम बेटे की है, जो अभी तक अपनी मां की मौत की सच्चाई से अनजान है और उसके लौटने का इंतजार कर रहा है।

मेहनती और मिलनसार स्वभाव की थी कौशल्या
मृतका की पहली सास टंटी निषाद बताती हैं कि कौशल्या मेहनती और मिलनसार स्वभाव की थी। घर-परिवार के कामकाज में भी वह निपुण थी, लेकिन कुछ गलत फैसलों ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उनका कहना है कि करीब एक साल पहले वह रिश्तेदारी के एक युवक के साथ चली गई थी।

मां को पुलिस क्यों पकड़ा है
उस समय परिवार ने उसे समझाकर वापस लाया और गलती मानकर माफ भी कर दिया था। इसके बाद में उसने अपनी मर्जी से ओमप्रकाश उर्फ गोविंदा के साथ जीवन बिताने का फैसला किया, जिस पर परिवार ने कोई आपत्ति नहीं की। रविवार को जब पुलिस गांव पहुंच,  तो कौशल्या का बेटा अनीस सबसे यही पूछता रहा कि उसकी मां को पुलिस क्यों पकड़ा है।

हर कोई दिलासा दे रहा था
मां का नाम लेते ही उसकी आंखें भर आती हैं। वह बार-बार घर के दरवाजे की ओर देखता है, मानो अभी उसकी मां लौट आएगी। मासूम की बेबसी देखकर गांव के लोग भी भावुक हो उठते हैं। कोई उसे गोद में लेकर चुप कराता है, तो कोई यह कहकर दिलासा देता है कि उसकी मां जल्द वापस आ जाएगी।

 

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Author: ILMA NEWSINDIA

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