फिल्म बहन होगी तेरी के एक प्रचार पोस्टर में राजकुमार राव भगवान शिव के वेश में मोटरसाइकिल पर बैठे दिखाई दिए थे। इस पर जालंधर में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पोस्टर से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ वर्ष 2017 में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। मामला फिल्म बहन होगी तेरी के एक प्रचार पोस्टर से जुड़ा था जिसमें राजकुमार राव भगवान शिव के वेश में मोटरसाइकिल पर बैठे दिखाई दिए थे।
फिल्म के रिलीज होने के समय पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। जालंधर में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पोस्टर से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी आधार पर अभिनेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अभिनेता का भगवान शिव के रूप में दिखना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि मामले में दुर्भावनापूर्ण मंशा या जानबूझकर धार्मिक भावनाएं आहत करने के इरादे का कोई साक्ष्य नहीं है।
राजकुमार राव ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्होंने फिल्म के किरदार के अनुसार अभिनय किया था। उनका पात्र जागरण मंडली से जुड़ा था और कहानी के मुताबिक कई बार भगवान शिव का स्वरूप धारण करता है। पोस्टर भी फिल्म के एक दृश्य और पात्र का हिस्सा था न कि किसी धर्म का अपमान।
हाईकोर्ट ने कहा कि कलात्मक अभिव्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत संरक्षण प्राप्त है। मामले में अपराध के आवश्यक तत्व नहीं पाए गए। इसके चलते अदालत ने एफआईआर और इससे जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाहियां रद्द कर दीं।