दोषी 10 साल के बच्चे को दुकान से सामान लेने के बहाने ले गया था। काला आंब सड़क पर अंधेरे में उसने बच्चे के साथ गलत काम किया और उसे जान से मारने का प्रयास किया।

किला थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 साल के बच्चे का यौन शोषण करने के दोषी रविंद्र को अदालत ने 40 साल की कठोर कैद सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पर 56 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
साल 2024 का मामला
यह मामला चार फरवरी 2024 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पीड़ित बच्चे के पिता ने रविंद्र पर अपने बेटे का अपहरण कर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। उसने बच्चे को बाइक पर बैठाकर काला आंब सड़क पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। यौन शोषण के बाद उसने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी थी।
यह मामला चार फरवरी 2024 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पीड़ित बच्चे के पिता ने रविंद्र पर अपने बेटे का अपहरण कर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। उसने बच्चे को बाइक पर बैठाकर काला आंब सड़क पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। यौन शोषण के बाद उसने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपी ने बच्चे को घर छोड़ने से पहले पैसे लाने की शर्त रखी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। बच्चे को चोटें आने के कारण जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
कोर्ट की सुनवाई
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 16 गवाह पेश किए। बच्चे के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को अदालत ने अहम सबूत माना। सभी सबूतों और गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने रविंद्र को दोषी करार दिया।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 16 गवाह पेश किए। बच्चे के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को अदालत ने अहम सबूत माना। सभी सबूतों और गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने रविंद्र को दोषी करार दिया।
बच्चे के बयान और धमकी
बच्चे ने पुलिस और अदालत के सामने अपने बयान दर्ज कराए थे। उसने बताया कि आरोपी उसे दुकान से सामान लेने के बहाने ले गया था। काला आंब सड़क पर अंधेरे में उसके साथ गलत काम किया गया। आरोपी ने गला दबाने की कोशिश की और पैसे न देने पर बहन को उठाने की धमकी भी दी थी। बच्चे ने अपनी गुल्लक से सात हजार और दादा के 11 हजार रुपये देने की बात कही थी, जिसके बाद आरोपी ने उसे छोड़ा। आरोपी ने रुपये नहीं देने पर बहन को उठाने की धमकी भी दी थी।