यूपी में चार कत्ल: ‘बंटी-बबली, बहू ने मारा’, शवों के पास गत्ते पर लिखा था; सामूहिक मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़

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प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड की जांच में बड़ा सुराग मिला है। लाशों के पास एक गत्ते मिला है। इस पर लिखा मिला कि बंटी-बबली बहू ने मारा है। घटनास्थल पर मिले सुराग से जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पुलिस जांच में लगी है कि मृतकों में से किसी ने यह लिखा है या फिर जांच भटकाने के लिए हत्यारों ने खेल  किया है।

Prayagraj Mass Murder Bunty-Babli Daughter-in-Law Killed Note Written on Cardboard Found Near Bodies UP News

प्रयागराज के साउथ मलाका स्थित बंद मकान में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को घटनास्थल के पास एक गत्ता रखा मिला जिस पर लिखा था, “बंटी बबली बहू ने मारा है।” इस सुराग के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। लिखावट का मिलान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह किसने लिखा था।

जांच में यह भी सामने आया कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य के छोटे बेटे अश्विनी ने करीब 15 वर्ष पहले रितु यादव नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। अश्विनी और रितु वर्ष 2024 में धोखाधड़ी के एक मामले में कौशांबी जेल भी जा चुके हैं। उन पर मेट्रिमोनियल साइट के जरिये लोगों से ठगी करने का आरोप लगा था। 

पारिवारिक संबंधों में लंबे समय से था तनाव
स्थानीय स्तर पर दोनों को बंटी-बबली नाम से जाना जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पारिवारिक संबंधों में लंबे समय से तनाव था। करीब 15 महीने पहले वीरेंद्र कुमार वैश्य ने अपने छोटे बेटे अश्विनी को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। ऐसे में पुलिस संपत्ति विवाद, पारिवारिक रंजिश और घटनास्थल से मिले संदेश को जोड़कर जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हत्या के कारणों की स्थिति सामने आएगी। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

अश्विनी कौशाम्बी जेल में, पत्नी का सुराग नहीं
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि अश्विनी और रितु के खिलाफ मंझनपुर और पश्चिमशरीरा कोतवाली में एफआईआर दर्ज हैं। अश्विनी और रितु ने प्रतिष्ठित मेट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। फिर करोड़ों रुपये की ठगी की।

दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2024 में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल अश्विनी कौशाम्बी जेल में बंद है, जबकि पत्नी का पता नहीं चल सका है।

जांच की दिशा मोड़ने की साजिश तो नहीं 
बंटी-बबली बहू ने मारा… पुलिस को आशंका है कि यह सुराग कहीं जांच की दिशा भटकाने के लिए तो नहीं छोड़ा गया। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह भी संभव है कि हत्यारों ने जानबूझकर किसी व्यक्ति या परिवार को संदेह के घेरे में लाने के लिए यह खेल किया हो।

कई आपराधिक मामलों में अपराधी पुलिस को भ्रमित करने और जांच की दिशा बदलने के लिए ऐसे सुराग छोड़ते रहे हैं। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक टीम गत्ते पर लिखी राइटिंग, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

इलाके की दिनचर्या में कोई बदलाव या संदिग्ध गतिविधि का भी पता लगाया जा रहा
पुलिस हर गतिविधि को क्रमवार जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनमें दूध देने वाले, अखबार वाले और आसपास के दुकानदार शामिल हैं। उस दिन इलाके की दिनचर्या में कोई बदलाव या संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा रहा है। एसीपी कोतवाली रवि गुप्ता ने बताया कि जल्द ही अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

वीरेंद्र के घर के पास लगे हैं सात कैमरे
वीरेंद्र के घर के आसपास ट्रैफिक पुलिस के सात कैमरे लगे हैं। इनमें से दो कैमरों का झुकाव सीधे घर की ओर है। इन दो कैमरों में से एक कैमरा चारों दिशाओं में घूमने (360 डिग्री) की क्षमता वाला है, जिससे आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। चार कैमरे उस खंभे पर हैं जो उनके घर के सबसे नजदीक हैं। यानी नजदीकी पॉइंट पर निगरानी ज्यादा मजबूत है।

करीबी और रिश्तेदार भी संदेह के घेरे में
कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि वारदात में किसी जान-पहचान वाले या करीबी की भूमिका तो नहीं है। इसी कारण रिश्तेदारों और उनके संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस दुकान के किरायेदारों से भी पूछताछ कर रही है।

बेची गई थीं तीन दुकानें
जांच कई नए एंगल से आगे बढ़ रही है। सामने आया कि परिवार ने तीन दुकानों को बेच दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दुकानों की बिक्री के पीछे क्या वजह थी? क्या इसका किसी तरह का संबंध इस वारदात से हो सकता है? हालांकि पुलिस ने इस पहलू पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है। पुलिस मानकर चल रही कि वारदात के पीछे केवल हत्या नहीं, बल्कि लूट की मंशा भी हो सकती है।

कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, बंद घर में मिले शव
प्रयागराज शहर के बीचों-बीच साउथ मलाका के सब्जी मंडी चौराहा स्थित मकान में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की सिर कुंचकर हत्या कर दी गई। मंगलवार को दुर्गंध आने पर घर का ताला तोड़ा गया तो कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरे में खून से लथपथ पड़े मिले। चारों के सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई है। वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका चौराहा स्थित अपने घर में पत्नी, बेटी और बड़े बेटे के साथ रहते थे। छोटे बेटे अश्विनी को उन्होंने करीब 15 साल पहले संपत्ति से बेदखल कर दिया था।

करीब 200 वर्ग गज के इस मकान के भूतल में 14 दुकानें हैं। इनमें 12 किरायेदार हैं। उक्त दुकानों से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक का किराया आता है। एक दुकान अभिषेक की है। दूसरी बेटी मीनाक्षी की है। मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी के नाम से काम शुरू किया था। इस दुकान पर बेटी के साथ वीरेंद्र भी बैठते थे। वीरेंद्र की पत्नी अनीता बीमारी की वजह से पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं।

मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी कि मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। कोतवाली पुलिस पहुंची तो घर में ताला जड़ा हुआ था। ताला तोड़कर पुलिस ऊपर कमरे में पहुंची तो वीरेंद्र और उनकी पत्नी के शव बेड पर पड़े थे। खोजबीन के दौरान बगल वाले कमरे में बेटी का शव फर्श पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे चोट के निशान थे। पुलिस ने भारी वस्तु से हमला करने की आशंका जताई है। तीनों के शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई।

मौके पर पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य, नीरज पांडेय समेत अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

एक ही परिवार के चार लोगों की सिर कुंचकर हत्या की गई है। मामले में संपत्ति विवाद से लेकर अन्य कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डॉ. अजय पाल शर्मा अपर पुलिस आयुक्त

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