लुधियाना के शिमलापुरी जनता नगर में बुजुर्ग दंपती के शव मिले थे। अब पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतकों के भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।

लुधियाना के शिमलापुरी जनता नगर में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। कर्ज में डूबे भतीजे प्रदीप सिंह ने ही अपने बुजुर्ग बुआ-फूफा की बेरहमी से हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी प्रदीप सिंह (34) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लोहे का बैरिंग भी बरामद किया है।
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने यह जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपी न्यू अंगद कॉलोनी का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि प्रदीप कर्ज के बोझ तले दबा था। उसके पास काम धंधा नहीं था, उसकी कार भी गिरवी थी। उसे पैसों की सख्त जरूरत थी।
हरमीत कौर उसकी दूर की बुआ थीं। वह अक्सर उनसे मिलने आता और मदद के नाम पर पैसे ले जाता था। 28 मई की शाम करीब 6 बजे वह बुआ के घर पहुंचा। उसने पैसे मांगे तो पहले मना किया गया, फिर एक हजार रुपये दिए गए। इस दौरान प्रदीप ने अलमारी में पैसे पड़े देख लिए और उसकी नीयत खराब हो गई।
खौफनाक वारदात का तरीका
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पता था कि बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते हैं। उनकी पांचों बेटियां विदेश में बसी हैं। पैसे देखने के बाद तैश में आकर प्रदीप ने पास पड़े लोहे के बैरिंग से फूफा कुलदीप सिंह और बुआ हरमीत कौर के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। वार इतने जोरदार थे कि बुजुर्गों को संभलने का मौका नहीं मिला। आरोपी ने तब तक प्रहार किया, जब तक उनकी सांसें थम नहीं गईं।
लूटपाट के बाद हुआ फरार
हत्याकांड के बाद प्रदीप ने अलमारी से 60 हजार रुपये की नकदी समेटी। उसने हरमीत कौर के कानों से सोने की बालियां और हाथों से कड़े भी नोच लिए। वारदात को चोरी का रूप देने के लिए उसने दंपती के दो मोबाइल वहीं फेंक दिए। किसी को पता न चले इसलिए वह पीछे के रास्ते से भागा।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 28 मई की शाम को हत्याकांड हुआ था। 30 मई की सुबह तक किसी को वारदात का पता नहीं चला। जब उनकी बेटी ने फोन किया तो रिश्तेदारों ने घर जाकर देखा। वहां दोनों बुजुर्ग मृत पड़े थे। पुलिस ने कई सिद्धांतों पर जांच की और गहन जांच के बाद आरोपी प्रदीप को काबू कर लिया गया। पुलिस अब लूटे गए पैसे और जेवर का पता लगाने में जुटी है।