कोतवाली चैराहा पर जब दंडवत यात्रा करते हुए एक वृद्ध को जब लोगों ने देखा तो सभी ने उस वृद्ध का पुषहार पहनाकर जोशीला स्वागत किया। वृद्ध द्वारा भरतपुर से सोरोंघाट गंगाजी तक यह दंडवत यात्रा विश्व कल्याण के लिए की जा रही है।
सोमवार को भरतपुर क्षेत्र के खरबा गांव के मूल निवासी दर्याव सिंह, सासनी के कोतवाली चैराहा से दंडवत यात्रा करते हुए निकले तो वहां मौजूद लोगों ने दर्याव सिंह को रोकर उनका पुष्पहार पहनाकर जोशीला स्वागत किया। दर्याव सिंह ने बताया कि वह राजस्थान के बिना किसी दान या चंदे के, केवल अपनी अटूट श्रद्धा के बल पर पैदल ही सोरों घाट श्री गंगाजी की पवित्र यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा करीब ढाई महीने में पूरी होगी। इस दंडवत याख में खास बात यह है कि वह किसी से भी एक रुपया दान या चंदा नहीं लेते, वह अपनी जेब से ही रास्ते में बंदरों और बेजुबान जानवरों को खाने-पीने का सामान खिलाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने केवल श्रद्धा शब्द पर जोर देते हुए बताया कि िउनकी यात्रा यह सिखाती है कि यदि मन में सच्ची आस्था और नेक इरादा हो, तो रास्ते की कोई भी कठिनाई व्यक्ति के कदमों को रोक नहीं सकती और श्रद्धा ही सबसे बड़ी ताकत होती है। दर्याव सिंहका स्वागत करने वालों में दर्जनों लोग मौजूद थे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



