पुलिस ने रविवार सुबह अकाली कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को एक चेन स्नेचिंग मामले में हिरासत में लिया था। अकाली दल का आरोप है कि उसे थाने लाने की बजाय एसएचओ नरेश कुमार के सरकारी क्वार्टर में एक कमरे में बंद रखा गया था और बाहर एक पुलिसकर्मी तैनात था।

मजीठा में थाने के बाहर हंगामे के मामले में पुलिस सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के घर पहुंची। माैके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
एक अकाली कार्यकर्ता को हिरासत में लेने के बाद थाने के बजाय एसएचओ के सरकारी क्वार्टर में रखने के आरोप को लेकर रविवार को विवाद खड़ा हो गया था। मजीठिया समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और बाद में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया था।
वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि जोबनप्रीत सिंह को एएसआई हत्याकांड में नहीं बल्कि नगर निकाय चुनाव के दिन हुई हाथापाई और चेन स्नेचिंग से जुड़े मामले में पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया था। फर्जी एनकाउंटर के आरोप भी निराधार बताए गए हैं।


