राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के समक्ष हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की मांग उठी। एक नेता ने गिद्दड़बाहा निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र किया। यह इलाका अध्यक्ष वड़िंग का ही है।

पंजाब कांग्रेस के नेताओं में खींचतान का मुद्दा शुक्रवार को दिल्ली में उठा। पार्टी हाईकमान ने पंजाब अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पार्टी प्रभारी भूपेश सिंह बघेल को दिल्ली बुलाया था।
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के समक्ष हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की मांग उठी। एक नेता ने गिद्दड़बाहा निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र किया। यह इलाका अध्यक्ष वड़िंग का ही है।
हाईकमान ने विधानसभा चुनाव तक अध्यक्ष न बदलने का संकेत दिया। प्रभारी भूपेश बघेल ने बताया कि केसी वेणुगोपाल चार महीने पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने इस मसले पर बार-बार बात न करने को कहा।
बाजवा का बैठक छोड़ना और एकजुटता का निर्देश
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। भूपेश बघेल ने बताया कि उन्हें अचानक काम पड़ गया था। उन्होंने सूचित करके जाने की बात कही। पार्टी ने सभी नेताओं को एकजुटता से आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। कांग्रेस का लक्ष्य विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाना है।