
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति का पत्र जारी किया। डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि वे सबको साथ लेकर पार्टी को मजबूत बनाएंगी। पार्टी की नीतियों पर काम किया जाएगा।
पानीपत के आट्टा गांव में जन्मी हैं अर्चना गुप्ता
डॉ. अर्चना गुप्ता का जन्म पानीपत के आट्टा गांव में हुआ। उनके दादा सूरजभान स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। जींद निवासी डॉ. अनिल गुप्ता के साथ उनकी शादी हुई। डॉ. अनिल गुप्ता बाद में पानीपत आकर रहने लगे। वे हैदराबादी अस्पताल में नौकरी करते हैं। डॉ. अर्चना गुप्ता का सेक्टर-11 में अर्चना डायग्नोस्टिक सेंटर हैं। वे सेंटर में खुद भी बैठती हैं।
डॉ. अर्चना गुप्ता खुद बेस्ट करने के साथ दूसरे से भी बेस्ट लेने की नीति पर काम करती हैं। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अपना काम बेहतर करना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की झिझक नहीं करनी चाहिए। वे अपना काम पूरा करेंगे तो तभी दूसरे से उम्मीद कर सकते हैं और दूसरा भी उनको देखकर बेहतर काम करेगा।
नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा, पति का रहा साथ
डॉ. अर्चना गुप्ता विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी हैं। उन्होंने डॉक्टर हेल्पलाइन शुरू की थी। उनको 2016 में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बनाया था। इसके बाद अगस्त 2020 में पानीपत जिले की भाजपा जिलाध्यक्ष नियुक्त की गई थीं। वे पानीपत में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थी। उन्होंने इस दौरान नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। उन्होंने इन सबको पीछे छोड़ अपने राजनीति सफर को जारी रखा। इसमें उनके पति डॉ. अनिल गुप्ता का विशेष योगदान रहा। भाजपा ने उनको 2024 में प्रदेश महामंत्री बनाया था। वे इसके बाद पार्टी की नीतियों व गतिविधियों में आगे रहीं।



